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मुआवजे को लेकर किसानों और अफसरों के बीच मंथन, बेनतीजा

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बागपत। हरसिया बिजली घर की लाइन में बाधक बने जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों और अफसरों के बीच बुधवार को घंटे मंथन हुआ, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसान अपनी मांग पर अड़े हैं। अफसरों ने आश्वासन दिया कि शासन को एक बार फिर पत्र लिखा जाएगा।
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बागपत से हरसिया बिजली घर पर लाइन की खिंचाई का काम पिछले ढाई माह से बंद है। किसानों की मांग है कि उनको पहले उचित मुआवजा मिले, तब ही लाइन के टावर लगने दिए जाएंगे, लेकिन विद्युत निगम (ट्रांसमिशन) फसल क्षतिपूर्ति देने को तैयार है, जिस पर किसान सहमत नहीं है। इसी को लेकर विवाद चल रहा है। इसको सुलझाने के लिए कलक्ट्रेट में अफसरों और किसानों के बीच घंटों मंथन हुआ। इसमें एडीएम लोकपाल सिंह, एसडीएम विवेक कुमार यादव, विद्युत निगम ट्रांसमिशन के एक्सईएन पूरण सिंह की किसानों से वार्ता हुई। किसानों ने मांग रखी कि उनको पावर ग्रिड कारपोरेशन की तर्ज पर पावर ट्रांसमिशन भी मुआवजा दें। जब तक उनको उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक लाइन नहीं खिंचने दी जाएगी। अफसरों ने कहा कि इस संबंध में पहले भी शासन को पत्र लिखे गए, एक बार फिर पत्र भेजा जाएगा। इस मौके पर एडवोकेट सोमेंद्र ढाका, रविश धामा, योगेंद्र, हरपाल, ओमपाल, सुरेंद्र, प्रमोद मौजूद रहे।
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