बागपत। कहरका गांव में प्राथमिक विद्यालय के खेल का मैदान बंजर भूमि पर कई वर्षों से कब्जा था। सुल्तानपुर हटाना में भी रास्ते पर किसानों ने कब्जा किया हुआ था। बुधवार को एंटी भूमाफिया टीम ने पुलिस के सहयोग से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। ईख और गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलवाया । साथ ही चेतावनी दी यदि दोबारा कब्जा किया मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बुधवार को एंटी भूमाफिया टीम ने अलग-अलग जगहों पर सरकारी जमीन से कब्जे हटवाए। कहरा गांव में टीम के प्रभारी कानूनगो कुलदीप राठी पुलिस के साथ कहरका गांव पहुंचे। सरकारी अभिलेखों में दर्ज बंजर भूमि की पैमाइश कराई। इस पर दो किसानों ने गेहूं की फसल की बुआई कर रखी थी। टीम ने गांव से ट्रैक्टर बुलवाकर खेत की जुताई कराई। निशानदेही कर पिलर लगाए। दूसरी जगह भी कुछ किसानों ने बंजर भूमि पर कब्जा कर ईख और गेहूं की फसल की बुवाई कर रखी थी। वहां भी टीम ने ट्रैक्टर से जुताई कराई। सरकारी जमीन को प्रधान के सुपुर्द किया। इसके बाद गांव के ही प्राइमरी पाठशाला के खेल मैदान से 130 मीटर जमीन को किसान ने अपने खेत में मिला रखी थी। इसमें गेहूं की बुवाई कर कब्जा किया था। भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया।। तहसीलदार राज बहादुर सिंह ने कहा यदि दोबारा भूमि पर कब्जा किया तो कानूनी कार्रवाई होगी। इस दौरान जितेंद्र, विनोद, सचिन, कालीचरण, सुरेश, अनिल जानी मौजूद रहे। इसके अलावा सुल्तानपुर हटाना में एंटी भूमाफिया टीम के प्रभारी रोहित तोमर के नेतृत्व में रास्ते की जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कब्रिस्तान की भूमि को खेतों में मिला हुआ था, उसको पूरा कराया। समझौते से आधार पर रास्ते के विवाद को समाप्त किया। इसके अलावा टीम ने गांव में कंबलों का वितरण किया। इसमें लेखपाल विनोद कुमार शर्मा, रवि कुमार, वीरेंद्र यादव, संजीव जैन, सुशील कुमार मौजूद रहे।