वैदिक दिनचर्या से चरित्र निर्माण संभव : प्रीतम सिंह
बड़ौत (बागपत)। वृहद समाज सुधार इंटर कालेज छपरौली में सीनियर सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन और आर्य समाज बड़ौत के तत्वाधान में चरित्र निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वैदिक संस्कार अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि बिना वैदिक दिनचर्या के चरित्र निर्माण संभव नहीं है। छात्र-छात्राओं को सूर्योदय से लगभग दो घंटे पहले उठ जाना चाहिए और पृथ्वी को नमस्कार करते हुए तत्पश्चात सभी को अभिवादन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूख लगने पर भोजन करें। खाना खाते समय पानी पीने तथा टीवी देखने से परहेज रखें। विद्यालय में अनुशासन, शिष्टाचार से शिक्षा ग्रहण करें। माता-पिता और गुरुओं का आदर करें। उनकी आज्ञा का पालन करें।
डॉ. ओमवीर सिंह आर्य ने कहा कि सज्जन व्यक्तियों का आचरण ही शिष्टाचार कहलाता है। संजय राणा ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से हर कोई परेशान है। वायु, जल से लेकर आसपास का वातावरण तक प्रदूषित हो चुका है। इसलिए हर तरह के प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी है।
इस दौरान प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इसमें हनी ने प्रथम, अजय ने द्वितीय और मोनू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र पाल ने की। संचालन सुरेश पाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में शिवचरण शर्मा, त्रिलोकी नाथ, रीतू शर्मा आदि उपस्थित रहे।