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चकबंदी अधिकारी बामनौली पहुंचे, किसानों की सुनी पीड़ा

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दोघट (बागपत)। चकबंदी से आहत किसान की आत्महत्या के बाद कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के आदेश पर श्री जवाहर इंटर कॉलेज बामनौली में चकबंदी अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं। चकबंदी से पीड़ित किसानों की भीड़ लगी रही। किसानों ने कहा जमीन की कीमत लगाने में हेराफेरी की गई है।
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बामनौली गांव में चल रहे चकबंदी प्रकरण पर सुनवाई करने सोमवार को चकबंदी विभाग के अधिकारियों की टीम पहुंची। जवाहर इंटर कॉलेज के मैदान में सुबह ही किसानों की भारी भीड़ लगी रही। किसानों ने अपनी समस्या लिखित एवं मौखिक भी सुनाई। किसानों ने बताया उनकी अधिक कीमत की जमीन की कम कीमत लगा दी, जबकि जो जमीन उन्हें दी जा रही है उसकी कीमत भी अधिक लगाकर कम दे दी । जिन पेड़ों की कीमत 1981 में थी, आज भी वही है। मृतक किसानों के भी चक काट दिए । जहां पक्की आबादी बनी है, वहां भी चक दर्शा दिए । राजकीय नलकूपों की पक्की सरकारी नालियां एवं काली सड़क भी चकों में नाप दी। किसानों ने कहा चकबंदी कर्मियों की मनमानी के कारण ही किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। टीम ने किसानों के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना भी किया। इस मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। टीम में अपर आयुक्त (चकबंदी) मेरठ राधेश्याम मिश्रा, संचालक चकबंदी आयुक्त लखनऊ मुख्यालय त्रिलोक सिंह, सीओ चकबंदी राजेश कुमार, एसीओ चकबंदी अजय उपाध्याय, एडीएम लोकपाल सिंह के अलावा कानूनगो और लेखपाल, ग्राम प्रधान वीरेश तोमर, पूर्व प्रधान महिपाल सिह, सुरेंद्र सिंह, प्रहलाद सिंह, नरेश तोमर, खिलारी सिंह, सोनू, रामबीर आदि रहे।
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