बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बरसात के बाद पहले पानी भर गया। इससे जाम के हालात बने। अब पानी सूखने लगा तो यहां उड़ रहे धूल के गुबार के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। लोगों का कहना है कि वह बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चार गांवों के सड़क के पास रहने वाले लोग अपने मकानों में ही बंद रहने को मजबूर हैं। जाम से लोग हलाकान रहे।
हाईवे की पिछले काफी समय से जर्जर हालत है। गौरीपुर मोड़ पर गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इनको बार-बार टूटी हुई ईंटों और मिट्टी से भर दिया जाता है। बारिश होने के बाद मिट्टी गड्ढों से निकल जाती है। अधिकांश समय जाम लगा रहता है। इतनी धूल उड़ती है कि वहां से निकलना भी मुश्किल रहता है। हाईवे किनारे बसे सिसाना, निवाड़ा, गौरीपुर जवाहर नगर और सरूरपुर गांव के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोड के पास जिन लोगों के मकान है, उसको मकानों में कैद होने को मजबूर कर दिया है। कई लोग तो बीमारी से ग्रस्त हो गए है। सिसाना गांव के रिस पाल ने कहा उनके मकान हाईवे के पास ही है। रोड की उड़ने वाली धूल से उसको दमा हो गया है। इसी तरह इमामुद्दीन ने कहा धूल के कारण उसकी आंख की रोशनी कम हो गई है। वह अधिकांश समय अपने मकान के अंदर ही रहता है।
निवाड़ा गांव के अब्दुल ने कहा उनकी हाईवे किनारे किराना की दुकान है। धूल उड़ने के कारण दुकान पर ग्राहक बहुत कम आते है। गौरीपुर जवाहर नगर गांव के अनुज का गौरीपुर मोड़ पर जनरल स्टोर है। उनका कहना है कि दुकान में काफी सफाई करते हैं। इसके बावजूद गंदगी रहती है। काम पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कई जगह ठेकेदार तो कई जगह पुलिस ने व्यवस्था बहाल करने के लिए गड्ढों में ईंटें भरवाने का काम किया।
गौरीपुर-बहालगढ़ मार्ग के भी भरवाए जा रहे गड्ढे
बागपत। गौरीपुर-बहालगढ़ मार्ग भी गड्ढों में तब्दील हो रहा है। इसके कारण कई बार हादसा हो चुका है। मंगलवार को उपसा के ठेकेदार ने मजदूरों से गड्ढे भरवाए।