बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया शासन की ओर से जनहित गारंटी अधिनियम निर्धारित किया हुआ है। डीएम से अधिनियम के तहत कितनी अपील की गई और कितने को निस्तारण कराया, इसकी सूचना मांगी थी। सीएमओ से सूचना मांगी, एसएसपी से ईश्वरी प्रसाद तिवारी ने विवेचना में शपथपत्र और अन्य अभिलेख शामिल करने से संबंधित सूचना मांगी थी। आयोग ने डीएम, तहसीलदार, सीएमओ समेत पांच अधिकारियों को एक सितंबर और उप सचिव राज्य सूचना आयोग को 18 सितंबर को तलब किया है।