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योगी के बजट में रमाला मिल के लिए 84 करोड़

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बागपत। योगी सरकार के पहले बजट में बागपत के लिए राहत की फुहारें पड़ी हैं। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण के लिए पहली किश्त के तौर पर 84 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। हालांकि मिल के विस्तारीकरण का बजट 312 करोड़ था। अगली किश्त के लिए अगले बजट का इंतजार किसानों को करना पड़ेगा।
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मंगलवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट जारी किया। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण के लिए किसान बजट का इंतजार कर रहे थे। इसके लिए पहले ही सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। वित्तीय सहमति पर बजट में मुहर लगी। पहले वर्ष में काम शुरू कराने के लिए बजट में सिर्फ 84 करोड़ रुपये की व्यवस्था की। इससे काम शुरू होगा। इसके बाद दूसरे बजट में दूसरी किश्त की व्यवस्था होगी। पेराई क्षमता कम होने के कारण किसान परेशानियों का सामना कर रहे थे। सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी के कार्य की शुरूआत अब इसी साल हो जाने की संभावना बन गई है। इससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी।

क्या होना है मिल में काम
मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और मिल में 25 मेगावाट कोजनरेशन प्लांट लगाने की सहमति है और इसके लिए करीब 311 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। पहली किश्त के तौर पर 84 करोड़ पर ही सहमति बनी है, देखने वाली बात यह होगी इससे किस काम की शुरूआत होगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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राहत के लिए यह भी घोषणा
फल पट्टियों के विकास और बागवानी के लिए एक लाख का बजट है, लेकिन इसमें जिले के हिस्से में क्या आएगा। लघु सीमांत किसानों के लिए शंकर शाकभाजी का उत्पादन और प्रबंधन पर 25 करोड़ की व्यवस्था की गई है। लघु सीमांत किसानों के फसली ऋण के भुगतान के लिए 32,399 करोड़ की घोषणा, जिससे जिले के किसानों को भी लाभ होगा। मृदा सर्वेक्षण कार्यक्रम के लिए भी बजट है।

किसानों को कब मिलेंगे 488 करोड़
बजट जारी हो चुका है, लेकिन बकाया भुगतान के लिए अभी भी किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। वेस्ट यूपी की 16 चीनी मिलों पर बागपत के किसानों के 488 करोड़ रुपये बकाया है। सबसे अधिक मलकपुर चीनी मिल पर करीब 273 करोड़ रुपये हैं। किसानों का कहना है कि बजट में इस पर भी विशेष पैकेज किसानों को मिलना चाहिए था।

कैसे सुधरेंगी बागपत की स्वास्थ्य सेवाएं
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा है। एक सौ बिस्तर का महिला अस्पताल तैयार है। दो बार उद्घाटन होने के बाद भी अस्पताल शुरू नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग पैकेज होना चाहिए था। जबकि इसका प्रावधान नहीं किया।

किसने क्या कहा?
भाजपा विधायक योगेश धामा ने कहा रमाला चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़वाने के लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थे। बजट जारी हुआ है, इससे काम शुरू हो जाएगा।
भाकियू नेता इंद्रपाल चौधरी ने कहा जिला बागपत के लिए स्पेशल बजट दिया जाना चाहिए था। यह नाकाफी है। रमाला और बागपत चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़नी चाहिए।
अमीनगर सराय के चेयरमैन मांगेराम यादव ने कहा किसानों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान मिलना चाहिए। सरकार को इस पर राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही।
खेकड़ा के किसान जयप्रकाश धामा ने कहा किसानों के साथ-साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विशेष बजट की आवश्यकता है। सरकार को समाधान करना चाहिए।
किसान महक सिंह ने कहा जिले की सड़कों के लिए अलग से घोषणा होनी चाहिए थी। किसानों को राहत देने का प्रयास है, लेकिन अन्य विभागों को राहत मिलती नहीं दिखी।
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छपरौली के किसान ओमबीर सिंह ने कहा रमाला और बागपत चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़नी चाहिए। इसके लिए विशेष बजट की आवश्यकता है।
युवा अंकुर जैन ने कहा रोजगार सृजन की आवश्यकता है। प्रत्येक वर्ग के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। बागपत के विकास के लिए सरकार यहां ध्यान दें।
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