बागपत के बड़ौत में पानी छोड़ने को लेकर किसानों के साथ किए जा रहे भेदभाव की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होते ही पूर्वी यमन नहर में 900 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पूर्वी यमन नहर में पिछले तीन-चार माह से पानी न आने से फसल सूखकर बर्बाद हो रही थी। इससे बागपत के अलावा गाजियाबाद व शामली के किसान भी प्रभावित हो रहे थे।
किसानों ने इस समस्या को लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों से सैकड़ों शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार साहू, जेई वीरपाल पंवार व जिलेदार विजय कुमार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए गंगनहर के अधिशासी अभियंता केएम कंसल को शिकायती पत्र भेजा। उन्होंने मात्र 200 क्यूसेक पानी ही छोड़ने की व्यवस्था की, जबकि आवश्यकता 700 क्यूसेक की थी। किसानों ने इसे लेकर आंदोलन किया, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा।
इस संबंध में अमर उजाला में प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की गई थीं। इसके बाद गंग नहर के अफसरों ने तुरत-फुरत में 900 क्यूसेक पानी पूर्वी यमन नहर में छोड़ दिया है। इससे अब बागपत, गाजियाबाद, शामली व अन्य जिलों के किसानों को भरपूर मात्रा मेें पानी मिल सकेगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई वीरपाल पंवार ंने बताया कि गंग नहर से 900 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इस पर महेंद्र, प्रकाश, जसवंत, बलबीर, प्रकाश, आनंद, सूरजवीर, महावीर, ओमप्रकाश, अनिल, प्रताप, दीपक, नीटू, धर्मपाल आदि किसानों ने हर्ष जताया है।