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200 मी. की दूरी तय करने में पुलिस को लगे नौ दिन

Sun, 14 Jan 2018 01:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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छात्र देव का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जहां से बच्चा लापता हुआ है उससे मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर ही हिंडन नदी किनारे शव मिल गया। पुलिस को वहां तक पहुंचने के   लिए नौ दिन लग गए। लोगों ने कहा शव को देखने से लगता है कि उसकी हत्या मात्र दो दिन पहले की गई है। यदि पुलिस समय से जाग जाती तो छात्र सकुशल बरामद हो जाता। उनकी मांग थी कि पहले हत्यारों को बेनकाब करो, इसके बाद ही शव को उठने दिया जाएगा। इसी कारण पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा।
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 पुलिस छात्र को बरामद करने के लिए मुकारी और आसपास गांवों के जंगल और हिंडन नदी किनारे तलाश करने का दावा कर रही थी, लेकिन छात्र को बरामद नहीं कर पाई। शनिवार सुबह पुलिस अचानक से गोताखोरों को साथ लेकर मुकारी गांव  में पहुंची और शव को हिंडन नदी किनारे से बरामद कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को शव को बरामद करने में मात्र दस मिनट भी नहीं लगी। इससे पता चलता है कि पुलिस को जानकारी हो गई थी कि बच्चे का हिंडन नदीं में किसी स्थान पर डाला गया है। इसी कारण पुलिस सीधे गोताखोरों को लेकर वहां पर पहुंची। पुलिस की कहानी में झोल है। पुलिस को पता है कि किसने और क्यों छात्र की हत्या की है। उन्होंने कहा कि जब तक हत्यारों का पता नहीं चलेगा, तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा। उधर, एसपी जय प्रकाश का कहना है कि पुलिस द्वारा लगातार छात्र की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को गोताखोरों की मद्द ली गई।
अधिवक्ता अमित त्यागी ने फोन पर बात करते हुए कहा कि कप्तान साहब आपका वायदा कहा गया, आपने कहा था कि देव को हर हाल में बरामद करेंगे। मिला तो देव का शव। मुझे तो आज भी सिर्फ न्याय चाहिए, शव तो तभी उठेगा, जब आप यहां पर आ जाओगे।
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कीचड़ में धंसा था शव
बागपत। गोताखोर इरफान और शरीफ का कहना है कि छात्र का शव हिंडन में कीचड़ में धंसा था।  इसी कारण शव ऊपर नहींं आ पा रहा था।

...क्या हमारी जेब में रखा है बच्चा, तलाश कर तो रहे हैं
बागपत। परिजनों का कहना है कि पुलिस अपनी मनमर्जी चला रही थी। उनसे बार-बार पूछ रही थी कि आपको किस पर शक है। आरोप है कि जिस पर शक जाहिर किया, उससे पूछताछ भी नहीं की। बृहस्पतिवार की रात में नदी के पुल पर एक संदिग्ध कार देखी गई, जो गांव में भी घूमती हुई दिखाई दी थी।

 

उसके बारे में जानकारी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि यह कार गाजियाबाद की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस से छात्र की बरामदगी की ज्यादा मांग करते थे तो पुलिस वाले कहते थे कि बच्चा क्या हमारी जेब में है, जो निकाल कर दे दे। पुलिस का व्यवहार बिल्कुल भी ठीक नहीं रहा।

मुंह और गला दबाकर मारने की आशंका
बागपत। छात्र देव जिस हालत में लापता हुआ था, उसी हालत में मिला है। पैरों में जूते तक पहने हैं। उसके कपड़े भी ज्यादा  गंदे नहीं हो रहे हैं। इससे पता चलता है कि उसको किसी सुरक्षित रखा पर रखा गया है।

 

आशंका जताई जा रही है कि उसका मुंह और गला दबाकर हत्या की। सहीं पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चलेगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम करने के बाद पता चला कि छात्र देव की दम घुटने से मौत हुई है। इससे प्रतीत होता है कि उसका मुंह दबाया गया है। चेहरे पर भी चोट के हल्के निशान है। 

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