दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों का धरना 37वें दिन भी जारी रहा।
वक्ताओं ने कहा कि गांव में सैकड़ों साल से चल रही इकाइयों को बंद कराकर प्रशासन ने साबित कर दिया कि दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि भी दलित समाज का साथ नहीं दे रहे हैं। दलितों के 110 परिवार भूखे मर रहे हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। इकाइयां बंद होने से घर में राशन नहीं है। दो हजार लोग बेरोजगार हो गए है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसमें मालू, नरेश, प्रवेंद्र, सुंदर, जयपाल, प्रकाश, राजेंद्र, रामदास, नरेंद्र आदि रहे।