बड़ौत (बागपत)।
मुख्य शिकायत केंद्र पर तैनात संविदा कर्मचारी हर माह विभाग को लाखों का चूना लगा रहा था। इसका खुलासा विद्युत परीक्षणशाला द्वितीय मेेें मीटर लगाने वाले एक कर्मचारी ने एसई को शिकायती पत्र भेजकर किया। अमर उजाला ने इस मामले को मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विद्युत निगम के अफसरों में हड़कंप मच गया। एसई ने मामले को गंभीरता से लेकर अधिशासी अभियंता और एसडीओ को संविदा कर्मचारी को हटाने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने अमर उजाला का आभार व्यक्त किया।
विद्युत परीक्षण शाला द्वितीय में मीटर लगाने का काम कर चुके शिकायतकर्ता राम कुमार सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी आजाद नगर कॉलोनी ने एसई रामबीर सिंह सहित विद्युत निगम के अफसरों को पत्र भेजकर खुलासा किया था कि मुख्य शिकायत केन्द्र पर तैनात एक संविदा कर्मचारी नए विद्युत कनेक्शन देने, मीटर लगवाने, उपभोक्ताओं से सांठगांठ कर विद्युत चोरी कराने सहित अन्य विभागीय कार्यों को कराकर हर माह ऊर्जा निगम के राजस्व में लाखों का चूना लगा रहा है। संविदा कर्मचारी ने सुगम योजना के तहत आजाद नगर निवासी योगेश से आठ सौ और न्यू रामनगर कॉलोनी निवासी मुकेश से एक हजार रुपये वसूले, लेकिन न तो उन्हें कोई रसीद दी है और न ही वहां पर मीटर लगाया। आरोप लगाया कि उपभोक्ता योगेश व मुकेश कुमार ने जब रसीद व मीटर लगाने का अनुरोध किया तो निगम की टीम से सांठगांठ कर उनके यहां पर छापेमारी कर पीडितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।
अमर उजाला ने उपभोक्ताओं की समस्या को मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विभागीय अफसरों मेें हड़कंप मच गया। एसई रामबीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता द्वितीय यादवेंद्र, एसडीओ चैन सिंह सहित अवर अभियंता रवि प्रताप सिंह को संविदा कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। एसई रामबीर सिंह ने कहा विभाग का नुकसान व उपभोक्ता से अवैध वसूली बर्दास्त नहीं की जाएगी। अवर अभियंता रवि प्रताप सिंह ने कहा एसई के निर्देश पर संविदा कर्मचारी को हटा दिया।
विद्युत व्यवस्था मजबूत करने के लिए किया स्थानांतरण
बड़ौत। एसई रामबीर सिंह ने कहा अक्तूबर माह 2018 तक शासन की मंशा के अनुरूप हर घर में मीटर युक्त 24 घंटे सप्लाई देने और उपभोक्ता की समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निस्तारण करना है। इसी के मद्देनजर बड़ौत टाऊन में तैनात टीजी-2 सुरेंद्र तोमर का खेकड़ा और जेई टाऊन नरेंद्र प्रताप का स्थानांतरण छपरौली में किया। छपरौली में काफी दिन से अवर अभियंता का पद रिक्त चल रहा था, वहां के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी थी।