बागपत। निवाड़ा गांव के ग्रामीण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को शिकायत कर बताया कि खनन स्थल पर हुए ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद में समझौता हो चुका है, लेकिन चार लोगों को अभी तक रिहा नहीं किया है।
निवाड़ा गांव स्थित यमुना खादर में खनन ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच 22 फरवरी को विवाद हो गया । इस दौरान मारपीट और फायरिंग हुई । पुलिस ने दोनो पक्षों के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इस घटना के कुछ दिन बाद पुलिस-प्रशासन ने ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच समझौता कराया । तभी से ठेकेदार पक्ष से एक और चार गांव के लोग जेल में बंद हैं। ग्रामीण कई बार डीएम और एसपी से मिल कर जेल में बंद चारों ग्रामीणों को रिहा कराने की मांग कर चुके हैं। बुधवार को निवाड़ा गांव के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को बताया कि उनके शपथ पत्र दाखिल हो चुके और दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है तो जेल में बंद लोगों को बाहर क्यों नहीं निकलवाया जा रहा है। डीएम से मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगवाकर सभी ग्रामीणों को जेल से छुड़वाने की मांग की। इसके बाद ग्रामीण एसपी से भी मिले। उन्होंने एसपी से भी कार्रवाई करने की मांग की। इसमें अकबर अली, आजम, चौधरी सरताज, अंजुम, नाजिम, आमिर, निसार, नफीस, अनीश, नौशाद, गय्यूर, अखलाक, सरवर प्रधान आदि मौजूद रहे हैं।