बागपत। जौहड़ी गांव को निशानेबाजी के लिए दुनिया में जाना जाता है, लेकिन अपनी बेटियों को शूटिंग रेंज में अभ्यास कराने के लिए यहां आने वाले प्रकाशो और चंद्रो तोमर खुद ही निशानेबाज बन गई। बुढ़ापे में निशानेबाज बनीं इन दोनों महिलाओं को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। इनके निशाने अचूक हैं। इनसे प्रेरणा लेकर यहां की सैकड़ों लड़कियां खेल के मैदान पर आगे आई और देश का नाम रोशन किया। यही नहीं नौकरी भी हासिल की। दोनों शूटर दादी के नाम से प्रसिद्ध हैं।
शिक्षकों के लिए प्रेरणा है विनीता तोमर
बागपत। छपरौली का प्राथमिक स्कूल संख्या -तीन प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के लिए नजीर बन गया है। प्रधानाध्यापिका विनीता तोमर ने खुद की मेहनत से बाउंड्री वॉल को बेहद आकर्षक तरीके से सजाई गई है। बच्चों के लिए प्रेरणादायी और आकर्षक चित्र उकेरे गए हैं। कमरे और रसोई के अलावा स्कूल हर हिस्से पर आकर्षक वॉल पेंटिंग नजर आती है। उन्होंने स्कूल के हर हिस्से पर पेंटिंग की है। महिला दिवस पर शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा।
लोगों के लिए मददगार बनीं सीमा
बागपत। सर्व समाज सुधार समिति की अध्यक्ष सीमा ने संघर्ष की नई इबारत लिखी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में समिति की ओर से 45 जोड़ों का विवाह कराया। महिला दिवस पर भी वह बड़ौत में विवाह कराएंगी। टिफिन के जरिए घर चलाने वाली सीमा कहती हैं कि कड़ी मेहनत से सब कुछ संभव है। उसका मकसद आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के लिए सहारा बनने का है।
जिले की बेटियों ने कामयाबी की गाथा लिखी
बागपत। खेल के मैदान पर जिले की बेटियों ने कामयाबी की गाथा लिखी है। सरूरपुर कलां की ज्योशी नैन ने क्रिकेट में धमाल मचाया। दिल्ली की टीम में शामिल होकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। तीरंदाजी में धनौरा की मधु वेदवान, शूटिंग में सीमा तोमर, कुश्ती में नीलम और मेघना, आरजू, अंशु तोमर ने धमाल मचाया। कुश्ती में कविता दलाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
हौसले से पहाड़ भी झुक गए
बड़ौत। शहर की बेटी मनसं्सज्ञिनी दस साल की उम्र में 16300 फुट की ऊंचाई पर कंचनजंगा बेस कैंप पर तिरंगा फहरा कर राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। ग्लेशियर्स, नदियों और वनों के बारे में न केवल सीखा, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के कारणों को भी समझा। उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें हिंडन नदी पुनर्जीवन योजना का ब्रांड एंबेसडर बनाया। उनकी बहन सूर्यस्संज्ञिनी ने भी कंचनजंघा बेस कैंप पर तिरंगा फहराकर नाम रोशन किया।