33 पंडित, आठ मौलानाओं ने कराए विवाह
बागपत। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान 33 पंडित और आठ मौलाना मौजूद रहे। विवाह की रस्म पूरी कराने के लिए किशोर उम्र के पंडित भी मौजूद रहे, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे। उधर, सरूरपुर कलां गांव के पंडित कृष्ण कुमार द्विवेदी का कहना है कि कई अव्यवस्थाएं भी रही।
सादगी भरे लिबास में पहुंचे
बागपत। दुल्हनें लाल रंग के जोड़े में कम और अलग-अलग रंगों में अधिक दिखीं। कोई नीले रंग की साड़ी में थी तो कोई हरे रंग की। कई दुल्हे भी बेहद सादगी में नजर आए।
32-34 उम्र के दूल्हा और दुल्हन ने भी लिए फेरे
बागपत। कार्यक्रम के दौरान जहां 18 वर्ष तक कई युवतियों की शादी हुई, वहीं इनमें 32 से लेकर 34 वर्ष तक के युवाओं ने भी वैवाहिक रस्मों को पूरा किया। 30 वर्ष तक कई वर और वधू शादी बंधनों में बंधे हैं। सर्व समाज सुधार समिति के सचिव लोकेंद्र हेवा ने बताया कि एक विधवा एक तलाक शुदा महिलाओं की शादी कराई है।
नव दंपति ने विवाह कार्यक्रम को सराहा
बसंत विवाह मंडप में शादी के बंधनों में बंधे नव दंपति गदगद नजर आए। बेहद गरीब है, परिवार के लोगों की शादी कराने में असमर्थ थे। सरकार की योजना से परिवार को लाभ पहुंचा। नगमा खातून की शादी शाहरुख के साथ हुई। उन्होंने कहा गरीबी के कारण पिता शादी कराने में असमर्थ थे। प्रशासन के इस कार्य की अच्छा बताया। मीरा और विपिन ने बताया कि समारोह में शादी हुई वह ऐतिहासिक है। जीनत और कासिम ने कहा मुख्यमंत्री योजना से शादी हुई है। इससे परिवार को काफी मदद मिलेगी। कविता और ओंकार ने कहा कि ऐसी शादी परिवार की ओर से नहीं होती है। प्रशासन का आभार व्यक्त किया। नीतू और सत्येंद्र ने कहा सरकार का यह कार्य सराहनीय है।
बाइक और टैंपू से घर पहुंचे वर और वधू
दूल्हा और दुल्हन वैवाहिक कार्यक्रम कराने के बाद बाइकों पर सवार होकर अपने घरों के लिए रवाना हुए। एक दर्जनों वर और वधू थे जो बाइक, ऑटो और अन्य साधनों को लेकर अपने घर के लिए पहुंचे। गाड़ी न मिलने पर निशा को पति सुखपाल बाइक से लेकर घर के लिए रवाना हुआ। गुलिस्ता को उसका पति टैंपू में लेकर गया।
एसडीएम ने दूल्हों को दिए सेहरे
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव और एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार को दूल्हों को सेहरे भेंट किए।