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बागपत में नहीं वेंटीलेटर, हांफ गया अस्पताल

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बागपत। जिला अस्पताल एक बार फिर रेफर सेंटर बन गया। किसी तरह यमुना नदी से निकालकर जिला अस्पताल तक पहुंचे पीड़ितों को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने बताया अस्पताल में वेंटीलेटर की सुविधा नहीं है। इसलिए उनको रेफर किया है। बवाल में घायल हुई महिला कांस्टेबल को भी चिकित्सकों ने उच्च चिकित्सा के लिए रेफर किया।
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करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी जिला अस्पताल अधूरा है। इसमें न स्टाफ पूरा है और न ही सुविधा। चिकित्सक मरहम पट्टी तक ही सिमट कर रह गए हैं। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को भी हो गया । ग्रामीण और गोताखोर बड़ी मशक्कत कर 11 महिला और पुरुषों को यमुना नदी से निकाल पाए। गंभीर हालत में उनको जिला अस्पताल लाए। इनको देखते ही स्टाफ के पसीने छूट गए। चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया और मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। महिला कांस्टेबल सुमन की पैर की हड्डी टूट गई । चिकित्सकों ने उसको भी रेफर कर दिया। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने कहा मरीजों की हालत गंभीर देखकर उनको रेफर किया गया है। अस्पताल में वेंटीलेटर और हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है।

मैं भी यमुना में डूबी थी, इलाज करो
बागपत। काठा गांव से एक महिला शाम के समय अस्पताल पहुंची। उसने कहा वह भी यमुना में डूबी थी। वह किसी तरह यमुना से निकली है। चिकित्सकों को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इस पर आपत्ति की। बाद में रालोद सुप्रीमो और अन्य लोगों ने उसको इलाज करने का कहा। बाद में चिकित्सकों ने उसको भी रेफर कर दिया।
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