बागपत। बकाया भुगतान और मलकपुर चीनी मिल क्षेत्र के गन्ने की व्यवस्था किए जाने की मांग के लिए चौबीसी खाप ने बिगुल बजाया। एलान किया कि 24 घंटे में अगर प्रशासन ने उनकी मांगे नहीं मानी तो कलक्ट्रेट में ही कोल्हू गाड़कर गन्ने की पेराई शुरू कर दी जाएगी। खाप अध्यक्ष चौधरी सुभाष ने कहा कि किसान ताकत एक है।
रविवार को भाजपा नेता एवं छपरौली के चेयरमैन संजीव खोखर के अनशन स्थल पर चौबीसी खाप और मलकपुर मिल क्षेत्र के किसानों की पंचायत हुई। किसानों का कहना था कि उन्हें पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं मिला है, इसलिए वह मलकपुर मिल को गन्ना नहीं दे सकते। जब तक भुगतान नहीं मिलेगा, गन्ना नहीं दिया जाएगा। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ता रहेगा। किसानों ने कहा कि उनके गन्ने को अन्य चीनी मिलों पर डायवर्ट किया जाना चाहिए। चौबीसी खाप के अध्यक्ष सुभाष ने कहा कि अन्याय सहन नहीं होगा। प्रशासन और मिल मालिकों की बातों पर बहुत भरोसा हो चुका। अब फैसले की घड़ी है। उन्होंने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि बुधवार तक अगर निर्णय नहीं हुआ तो बृहस्पतिवार को किसान फिर से कलक्ट्रेट में जुटेंगे। लड़ाई आरपार की होनी है। देवेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, बिनोद बावली, छपरौली चेयरमैन संजीव खोखर, तिरपाल, सोबीर सिंह, सोहनबीर सिंह, योगेंद्र सिंह, राजकुमार, अमित सिंह, विजय सिंह, देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।
कमेटी के फैसले पर खाप चौधरी की मुहर
बागपत। पंचायत में फैसले के लिए अलग-अलग गांवों के लोगों की कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने ही प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद इस फैसले पर चौबीसी के चौधरी सुभाष ने अपना समर्थन किसानों को दिया।
जूस पिलाकर तुड़वाया चेयरमैन का अनशन
बागपत। छपरौली क्षेत्र के किसान धरनास्थल पर पहुंचे। कमेटी के फैसले के बाद चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष और अन्य किसानों ने जूस पिलाकर चेयरमैन संजीव खोखर का अनशन तुड़वाया। इसके बाद उनका मेडिकल भी कराया गया।
रालोद पर निकाली भड़ास, गंभीर आरोप जड़े
बागपत। भाजपा नेता एवं छपरौली चेयरमैन संजीव खोखर समेत अन्य वक्ताओं ने रालोद पर भड़ास निकाली। कहा कि मिल मालिको से साठगांठ की गई है। विधानसभा चुनाव को लेकर कई गंभीर आरोप भी जड़े। प्रशासनिक अधिकारियों पर भी आरोप लगाए।
खाप चौधरी और किसान हैं एक
चौबीसी के अध्यक्ष चौधरी सुभाष ने कहा कि सब किसान और खाप चौधरी एक है। कोई इन्हें अलग न समझें। कुछ लोग दूरी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, इसे सहन नहीं किया जाएगा। किसानों की लड़ाई एकजुटता के साथ लड़ी जाएगी। किसानों का मान-सम्मान एक है। जो भी फैसला होगा, वह किसानों के बीच में होगा।
गन्ने की नकद खरीदारों को रोका तो खैर नहीं
बागपत। कमेटी ने यह प्रस्ताव भी पास किया तो अगर गन्ने की नकद खरीदारी को रोका गया तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। जो लोग किसानों का नकद गन्ना खरीद रहे हैं उन्हें खरीदने दिया जाना चाहिए।