उत्तर प्रदेश के बागपत में खेकड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम फखरपुर से लापता हुए शौर्य उर्फ सूर्यांश की तलाश में रविवार को पीएसी के जवान भी जुटे। डॉग स्क्वॉड टीम के साथ उन्होंने जंगल की खाक छानी, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। अब पुलिस ने शौर्य के बारे में सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
15 दिसंबर की शाम ग्राम फखरपुर से ग्रामीण सोहनबीर के सात वर्षीय पुत्र शौर्य उर्फ सूर्यांश का ट्यूशन से वापस लौटते समय लापता हो गया था। पुलिस तभी से बालक की बरामदगी के लिए गांव में डेरा डाले हुए है। रविवार को पीएसी के जवान भी फखरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड टीम के साथ जंगल को खंगाला। गन्ने के खेतों में भी बालक की खोज की गई। ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बालक की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जल्द ही उसको बरामद कर लिया जाएगा।
कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाओ
शौर्य की मां मोनिका का रो रोकर बुरा हाल है। वह पुत्र के गम में बेहोश भी हो रही है। होश में आते ही एक ही बात बोल रही है कि कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाकर दो। उसकी यह वेदना पति सोहनबीर सिंह और ससुर जगबीर सिंह की आंखों को भी नम कर देती है। रूंधे गले से वे भी पुलिस अधिकारियों से शौर्य को बरामद करने की गुहार लगाते रहते हैं। जिस गली से शौर्य गया था। उस गली पर भी इस आस के साथ नजरें गड़ाए रहते हैं कि उनका बच्चा शायद अभी वापस आ जाए। शौर्य के बाबा जगबीर सिंह और पिता सोहनबीर सिंह का कहना है कि शौर्य परिवार का अकेला चिराग है। उसके गायब रहने से परिवार के सभी लोग आहत है। वे उसकी याद में ना कुछ खा पा रहे है। और ना ही सो पा रहे हैं।
आसपास के जनपदों की पुलिस भी जुटी तलाश में
शौर्य की तलाश में बागपत जनपद के खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, बालैनी, सिंघावली अहीर और चांदीनगर थानों की पुलिस के साथ ही आस पास के जनपद की पुलिस भी जुटी हुई है। सीओ विजय चौधरी ने बताया कि जनपद के थानों की पुलिस टीमे बनाकर बालक की खोज में लगाई गई है। आस पास के जनपदों की पुलिस से भी बालक की तलाश कराई जा रही है।
पूछताछ के लिए लिया हिरासत में
पुलिस ने फखरपुर गांव से कुछ संदिग्धों को उठाया है। पुलिस उनसे शौर्य के बारे में गहन पूछताछ करने में लगी हुई है। लेकिन सूत्र बता रहे है कि उनसे भी अभी तक शौर्य के बारे में कोई जानकारी नही मिल पाई है।
बालक के अपहरण से ग्रामीण भी दुखी
बालक शौर्य के अपहरण से फखरपुर गांव के सभी वर्गों के लोग दुखी दिखाई दे रहे हैं। वे सुबह रात भर तो पुलिस के साथ जंगलों को खंगालते हैं। और फिर दिन निकलते ही पीड़ित परिवार के द्वार पर पहुंच जाते है। अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाते हैं। और पुलिस अधिकारियों से बालक को जल्द बरामद करने की गुहार लगाते है। महिला पुलिस कर्मियों के तो बालक के परिजनों और उनकी मार्मिक अपील आहत करती नजर आती है।
परिजनों को लगा शौर्य मिल गया
विवार शाम सोशल मीडिया पर एक बच्चे का फोटो तेजी से वायरल हुआ। वायरल फोटो पर लिखा हुआ था कि यह बच्चा दिल्ली पुलिस के पास है। जिसका भी बच्चा है वह संपर्क करके ले जाए। दिल्ली पुलिस को बच्चा मिलने की सूचना खेकड़ा क्षेत्र में फैल गई। इससे पुलिस के साथ ही शौर्य के परिजन और ग्रामीणों को आस बंधी कि शायद दिल्ली पुलिस को शौर्य मिल गया है। फोटो देखने पर परिजनों और ग्रामीणों की उम्मीद टूट गई।
गायब हुए बालक शौर्य के गमजदा पिता सोहनबीर सिंह- फोटो : KAHKRA
खेकड़ा फखरपुर मार्ग पर बालक शौर्य की तलाश में जुटी पुलिस टीम- फोटो : KAHKRA
फखरपुर स्थित बालक शौर्य का मकान- फोटो : KAHKRA
फखरपुर के जंगल में बालक शौर्य की तलाश में जुटे ग्रामीण और पुलिस- फोटो : KAHKRA
बालक शौर्य के गायब होने के बाद गमजदा बैठे परिजन और ग्रामीण- फोटो : KAHKRA
खरपुर के जंगल में बालक शौर्य की तलाश में जुटी डाग स्कवायड टीम- फोटो : KAHKRA
गमजदा बैठी बालक शौर्य की मां मोनिका- फोटो : KAHKRA
बालक शौर्य के गायब होने के बाद गमजदा बैठे परिजन- फोटो : KAHKRA