बड़ौत (बागपत)।
प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा चीनी मिल मालिकों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर सरकार गंभीरता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा किसानों को बेसहारा गोवंशीय पशुओं से निजात दिलाने के लिए जल्द गोशालाएं खोली जाएगी।
वे बृहस्पतिवार को बड़ौत के भाजपा विधायक केपी मलिक के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 को भाजपा की योगी सरकार ने कमान संभाली थी, जब चार साल का बकाया गन्ना भुगतान मिलों पर बकाया था। योगी ने 4400 करोड़ का भुगतान कराया। 2018-2019 का 4200 करोड़ का भुगतान कराया। उन्होंने कहा अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की मंदी है, पहले 3235 करोड़ की सस्ते ऋण की योजना तैयार की, ताकि साफ्ट ऋण दिलाकर गन्ने का भुगतान कराया जा सके। जिन किसानों को भुगतान हो चुका है, उन्हें साढे़ चार रुपये का अनुदान दिया जाएगा, यह अनुदान उन्हें मिलों को दिलाया जाएगा तो किसानों को भुगतान कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी का न्यूनतम 29 रुपये घोषित किया है। जो काफी है, लेकिन अभी भी कुछ चीनी मिल, जिनमें मोदी ग्रुप, सिंभावली, बजाज और शामली पर 1400 करोड़ रुपये बकाया है, 2017-18 का बकाया गन्ना भुगतान के लिए हमने साफ्ट ऋण देने की घोषण की और 30 नवंबर इसकी तारीख रखी, लेकिन बागपत की मलकपुर चीनी मिले ने 10 दिसंबर का समय दिया, लेकिन मिल ने इसकी औपचारिकता पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि सीएम से बात करूंगा और इसकी तिथि बढ़ाएगी जाएगी और मलकपुर चीनी मिल का भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि फरवरी माह तक ही रमाला चीनी मिल का विस्तारीकरण कार्य पूर कर लिया जाएगा। इससे बागपत सहित शामली, मुजफ्फरनगर तक के किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी व केन्द्र में मोदी सरकार ने चाहे दिल्ली-सहारनपुर हाईवे हो या फिर केन्द्रीय विद्यालय बावली, बागपत के विकास में अहम योगदान निभा रही है। उन्होंने कहा वर्तमान समय में बेसहारा गोवंशीय पशुओं के कारण क्षेत्रीय किसान परेशान हैं, बेसहारा गोवंशीय पशुओं को रखने के लिए गोशालाएं खोली जा रही है, जल्द ही किसानों को राहत मिलेगी। उनके साथ विधायक केपी मलिक, जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।