बागपत। जिले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का गठन होगा। इसमें सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित वाद की सुनवाई होगी। सरकारी भवन न मिलने पर किराये का भवन को आवंटन कराया जाएगा।
वाहनों से होने वाले हादसों के बाद पुलिस कार्रवाई के लिए थाना और वाद दायर करने के लिए पीड़ितों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता था। इससे पीड़ितों को परेशानियों से जूझना पड़ता था। हाईकोर्ट में इस संबंध जनहित याचिका दायर की। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को पारित कर जिला स्तर पर दावा अधिकरण खोलने के लिए आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने निर्देश जारी किए। प्रदेश के 75 जिले में मोटरयान अधिनियम-1998 की धारा-165 के अधीन मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके लिए डीएम को निर्देश जारी किए। दावा अधिकरण में एक पीठासीन अधिकारी के साथ तीन स्टाफ की नियुक्ति होगी। अधिकरण का संचालन करने के लिए तीन कक्ष की आवश्यकता होगी। जिसमें न्यायालय कक्ष, रिटायरिंग कक्ष और स्टाफ के बैठने के लिए कक्ष की जरूरत पड़ेगी।