बड़ौत (बागपत)। पठानकोट मोहल्ले में स्थित अकबरी मस्जिद के प्रांगण में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नगर इकाई व हज वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों की बैठक में मतदाता जागरूकता और 26 नवंबर से शुरू होने वाले रुबेला टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए विचार किया।
निर्णय लिया कि 18 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के युवक व युवती, जिनका मतदाता सूची में नाम नहीं है, उन्हें जुड़वाने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद व हज वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के तहसील अध्यक्ष कारी साबिर ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा वोट बनवाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जिनकी आयु एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष हो रही या जिनकी उम्र 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है और उनका नाम निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) में दर्ज नहीं है, तो वे अपना नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज करा लें।
हज वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश महासचिव इसरार खान ने बताया कि रुबेला को जर्मन खसरा के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी रुबेला वायरस के कारण होती है। यह संक्रमित व्यक्ति की नाक और ग्रसनी से स्राव की बूंदों से या फिर सीधे रोगी व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैलता है। आमतौर पर इसके लक्षण हल्के होते हैं, जैसे नवजात बच्चों में बुखार, सिरदर्द, संक्रामक और कान के पीछे या गर्दन की लसिका ग्रंथी में वृद्धि होना। खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान में 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा।
सोसाइटी के डायरेक्टर आरिफ मलिक ने कहा कि आने वाले सभी चुनावों में अपने सहभागिता निभाएं। डॉ. नाजिम ने कहा कि कहा कि संविधान में हमें जो वोट डालने का अधिकार दिया गया है वह बेशकीमती उपहार है। उन्होंने कहा कि मजबूत प्रजातंत्र के लिए मतदान सभी को अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर मौलाना कामिल, हाफिज इकराम, मौलाना मजहर, मौलाना मुनशाद, मास्टर सरफराज, हाफिज आबिद, अब्दुल कय्यूम, परवेज, इकबाल आदि मौजूद रहे।