बागपत। अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर चार धाम की यात्रा कराने वाले श्रवण कुमार का नाम किताबों में तो पढ़ा ही होगा। लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला है। तीन सगे भाइयों ने श्रवण कुमार की तरह ही अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर हरिद्वार से परशु रामेश्वर मंदिर पुरा तक तीर्थ यात्रा कराने निकले हैं। इन्हें देखने के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ लगी रही।
मुजफ्फरनगर जनपद के हरसौली गांव निवासी अनिल राम के तीन बेटे बसंत कुमार, रूप कुमार और चांद कुमार अपने पिता और मां प्रमिला देवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से परशु रामेश्वर मंदिर पुरा तक तीर्थ यात्रा करा रहे हैं। सोमवार को यह कांवड़ दाहा गांव में पहुंची। इस कांवड़ को देखने के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ लगी रही। क्षेत्रवासियों ने इन बेटों की जमकर तारीफ की। वर्तमान समय में भी दुनिया में श्रवण कुमार जिंदा है। पिता अनिल राम और मां प्रमिला का कहना है कि उन्हें अपने बेटों पर गर्व है। वर्तमान समय में भी वह श्रवण कुमार बनकर उन्हें हरिद्वार से पुरा महादेव मंदिर तक तीर्थ यात्रा करा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने तीनों बेटों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया। तीनों भाई ने बताया कि उनके माता-पिता की हरिद्वार से परशु रामेश्वर मंदिर पुरा तक तीर्थ यात्रा करने की इच्छा थी। स्वागत करने वालों में रामबीर तोमर, सतेंद्र राणा, राजकुमार, राजबीर, बिन्नू, ब्रहमपाल राणा आदि रहे।