चकबंदी संचालक उप्र ने जारी किए आदेश, किसानों ने खुशी जताई
दोघट। चकबंदी संचालक उप्र ने 37 साल से चल रही चकबंदी प्रकिया से निरपुड़ा गांव को बाहर कर दिया है। अधिकांश किसान चकबंदी नहीं कराना चाहते थे। इस घोषणा के बाद किसानों ने खुशी जाहिर की।
कानूनगो ओमवीर सिंह ने बताया कि निरपुड़ा गांव में 22 जनवरी 1981 को चकबंदी की अधिसूचना जारी हुई थी। कई बार चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन पूरी नहीं हो सकी। 27 मार्च 2018 में चकबंदी अधिकारियों ने गांव में खुली बैठक कर चकबंदी कराने के संबंध में किसानों से बातचीत की थी। इस बैठक में अधिकांश किसानों ने चकबंदी कराने से इंकार कर दिया था। जनपद के अधिकारियों ने चकबंदी आयुक्त को रिपोर्ट भेजी थी, जिसे संज्ञान में लेते हुए चकबंदी संचालक उप्र हरेंद्र वीर सिंह ने पांच जून को आदेश जारी कर दिए कि चकबंदी उप धारा-1 के अधीन निरपुड़ा गांव को चकबंदी से बाहर कर दिया गया है। उनके आदेश की प्रतिलिपि भी चकबंदी अधिकारियों को मिल गई है। गांव को चकबंदी से बाहर करने पर किसानों ने खुशी जाहिर की है।