मनरेगा के कार्यों का रिकार्ड ही नहीं दिया
बागपत। सोशल आडिट की टीम गांवों में मनरेगा से हुए विकास कार्यों की जांच कर रही है। टीम को अधिकतर गांवों में अभी अभिलेख नहीं दिए गए हैं। इस कारण जांच कार्य अधूरा है। इस हालात पर ऑडिटरों ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
जिले के गांवों में मनरेगा के तहत काफी कार्य कराए गए हैं। इसमें सड़क, तालाब निर्माण और खुदाई, पौधरोपण सहित अन्य कार्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष के समापन से पूर्व गांवों में विकास कार्यों की समीक्षा होती है। इसकी रिपोर्ट डीएम और शासन को भेजी जाती है। गांवों में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए सोशल आडिट की टीमों का गठन प्रशासन ने कर दिया है। छपरौली और बागपत ब्लॉक के गांवों ऑडिट का कार्य चल रहा है। लेकिन अधिकतर गांवों में टीम को वहां के ग्राम सचिव ने विकास कार्यों के अभिलेख नहीं दिए हैं।
छपरौली ब्लॉक के बाछौड़ गांव में श्रमिकों के जॉब कार्ड प्रधान के पास बताए गए। रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। मुकंदपुर गांव में श्रमिकों ने काम की मांग की हुई है। बोढ़ा गांव में रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। बसौली गांव में अभिलेख नहीं दिए गए है। रमाला में विभिन्न कार्यो की जांच की गई। बागपत ब्लॉक के कई गांवों में ऑडिट का कार्य किया गया है, जिसमें काफी कमियां मिली। टीम ने अपने रिपोर्ट तैयार कर डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को भेज दी है।