विद्युत निगम को ढूंढे नहीं मिल रहे 62 करोड़ के बकाएदार
बागपत। सरकारी दफ्तरों के अलावा विद्युत निगम के करोड़ों रुपये बकाया है। जांच के लिए छापेमारी अभियान चल रहा है। लेकिन करीब एक हजार लोग ऐसे हैं, जिन पर 62 करोड़ रुपये बकाया है। अब उन्होंने ठिकाना बदल लिया है। कई साल पहले गांव छोड़कर चले गए। अब इन लोगों के बकाए की छंटनी और जांच के लिए विद्युत निगम पांच सदस्यीय टीम बनाने जा रहा है।
बकाएदारों की सूची तैयार कर जिले में अभियान चलाया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह ने बताया कि बागपत, पिलाना और खेकड़ा ब्लॉक की जांच में करीब एक हजार ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए, जो अपने ठिकाने पर रहते ही नहीं है। असल में यह उपभोक्ता वह हैं, जो गांव या शहर को छोड़कर किसी अन्य जगह रहने लगे, लेकिन कनेक्शन कटवाया नहीं। अब विद्युत निगम की टीम घर पहुंचती है तो वहां कोई मिलता नहीं। ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कैसे हो और नोटिस किसे दिए जाएं। ऐसे में विद्युत निगम ने एसडीओ के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय टीम गठित करने का फैसला किया है। यह टीम ऐसे उपभोक्ताओं की छंटनी करेगी। उनके नए ठिकाने का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे खातों को बट्टा खाते में डाला जाएगा। पहली कोशिश ऐसे उपभोक्ताओं के नए ठिकाने का पता लगाकर वसूली की होगी।
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खुद बिल जमा करें, दलालों से बचे उपभोक्ता: एसई
अधीक्षण अभियंता बागपत रामवीर सिंह का कहना है कि उन्हें कई शिकायत मिली हैं, जिसमें उपभोक्ता दलालों के माध्यम से बिल जमा करते हैं। जिनमें उपभोक्ता को नुकसान उठाना पड़ता है। उपभोक्ता विभाग की खिड़की पर बिल जमा कर तुरंत रसीद लें। अगर उन पर किसी तरह का दबाव बनाया जाता है तो निगम कार्रवाई करेगा। किसानों के बिल किश्तों में जमा करने की छूट की योजना भी चलाई जा रही है।