बड़ौत (बागपत)।
आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने एफडीआई पर केंद्र सरकार द्वारा लिए फैसले के विरोध में उप्र के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा और इसके विरोध में प्रदेश भर में सड़कों पर उतर कर आंदोलन की चेतावनी दी।
उन्होंने दिए ज्ञापन में बताया भाजपा यूपीए सरकार के समय में रिटेल एफडीआई का विरोध करती थी और अब अपनी सरकार के समय इसे लागू करने पर आमादा है, क्योंकि विदेशी ब्रांड् को देश में जड़ जमाने देना ही मोदी सरकार का मेक इन इंडिया है। मेक इन इंडिया का नारा देने वाली मोदी सरकार आखिर क्यों विदेशी कंपनियों पर मेहरबान होना चाह रही है। पहले यूपीए सरकार ऑटोमेटिक रूट से 49 प्रतिशत एफडीआई लाई थी, जबकि मोदी सरकार ने उसको 100 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा यूपीए सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए 30 प्रतिशत सामान भारतीय बाजार से खरीदने की अनिवार्यता रखी, जबकि भाजपा सरकार ने पांच साल के लिए उसको भी खत्म करके विदेशी कंपनियों को खुली छूट दे दी है। इससे भारत के छोटे-छोटे ब्रांड के लिए उनके मुकाबले में टिकना मुश्किल हो जाएगा। जीएसटी से लेकर ई-वे बिल तक मोदी सरकार हर ओर से व्यापारियों को घेरने में जुटी हुई है। देश में रिटेल कारोबार से करीब पांच करोड़ लोग जुड़े हैं और अप्रत्यक्ष तौर पर 20 करोड़ लोगों का जीवन इससे चल रहा है। ऐसे में रिटेल एफडीआई के चलते देश के छोटे-छोटे ब्रांड का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता उप्र में सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे। इनमें जिला संयोजक ओमबीर सिंह, सतीश तोमर, फिरोज मलिक, अखलाक रजा, बिल्लू हेवा, सचिन तोमर, सतीश, चांद जैन आदि रहे।