बड़ौत (बागपत)।
शासन ने बागपत जनपद सहित 30 जिलों को दो अक्तूूबर तक ओडीएफ बनाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि अभी तक बड़ौत ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले गांवों मेें 15 फीसदी भी शौचालय नहीं बने हैं। ऐसे में कैसे 20 दिनों में बागपत जिला ओडीएफ हो जाएगा। उधर, ग्रामीणों ने कहा ग्राम सचिव और प्रधान मिलीभगत कर अपात्रों के घरों में शौचालय बनवा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में अफसरों के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
केन्द्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल होने के बावजूद बागपत जनपद के अधिकांश गांव मेें अभी तक पुरुष, महिलाएं और युवतियां खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत सहित 30 जिलों को आगामी दो अक्तूूबर तक ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य दिया । दो अक्तूूबर में मात्र 20 दिन शेष है। बड़ौत ब्लाक के बात करें तो यहां के 44 गांवों में 2015-16 और 2017-18 के लिए 2500 शौचालय का पैसा आया , लेकिन अभी तक लक्ष्य को 15 फीसदी भी हासिल नहीं किया । जिन गांवों में शौचालय निर्माण हो चुका है, वहां के ग्रामीण शौचालय निर्माण मेें धांधली का आरोप लगाकर शिकायत कर रहे हैं।
मंगलवार को भी ब्लाक पर शौचालय निर्माण कराने के लिए आयोजित बैठक में मात्रा खानापूर्ति कर दी। इसको लेकर लोगों में आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में बीडीओ प्रेमचंद ने कहा ग्राम सचिवों को शौचालय निर्माण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होगी।