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मेरठ-बागपत हाईवे पर 48 किलोमीटर में 70 जख्म

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बागपत-मेरठ हाईवे स्थित बैंक के पास से गुजरते वाहन - फोटो : BAGHPAT
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- 300 करोड़ से किया गया था निर्माण, पहले केवल दो महीने में टूट गया था नेशनल हाईवे
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- अब जगह-जगह से अूधरा छोड़ने से बढ़ा जान का खतरा, हादसे भी लगातार हो रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नेशनल हाईवे 334 बी बनाने के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब बागपत से मेरठ तक का सफर अच्छा होगा। मगर, 300 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद नेशनल हाईवे पर 46 किलोमीटर में 70 जगह लोगों की जान को खतरा है। पहले केवल दो महीने में नेशनल हाईवे पूरी तरह से टूट गया था, वहीं उसे दोबारा बनाना शुरू किया गया तो अभी तक गड्ढे खत्म नहीं हुए और सड़क को जगह-जगह से अधूरा छोड़ा गया है। इस नेशनल हाईवे निर्माण में खुद सांसद भी गड़बड़ी होने की बात कह चुके है, लेकिन उसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे है।
नेशनल हाईवे 334 बी घोषित होने के कई साल बाद मेरठ-बागपत रोड का निर्माण शुरू हुआ और सड़क को खोद दिया गया था। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। हालांकि लोगों को लगा था कि कुछ महीनों की परेशानी के बाद नेशनल हाईवे पर सफर बेहतर होगा। मेरठ से बागपत तक 46 किमी के हिस्से के निर्माण में करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा भी किया गया, लेकिन नेशनल हाईवे की हालत पहले से ज्यादा खराब हो गई। नेशनल हाईवे बनने के दो महीने बाद ही पूरी तरह से टूट गया तो सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने खुद गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए मंत्रालय में पत्र भेज दिया। इसके बाद नेशनल हाईवे का दोबारा निर्माण जरूर हुआ, लेकिन अब भी नेशनल हाईवे पर मेरठ से बागपत तक लोगों की जान को खतरा है। इस बीच करीब 70 जगह ऐसी है, जहां नेशनल हाईवे में गड्ढे है तो निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। जहां निर्माण अधूरा छोड़ा गया है, वह हिस्सा सड़क से काफी नीचे है और वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने के कारण हादसे हो रहे है। इसके अलावा पत्थर उखड़े होने के कारण बाइक सवार भी हादसों का शिकार हो रहे है।
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नेशनल हाईवे का निर्माण करने की बात कहते हुए पत्थर डालकर छोड़े हुए है, जिससे बाइक व स्कूटी वाले फिसल कर गिर रहे है। इसके अलावा सड़क से पत्थर आकर दुकान के शीशों में लगते है, जिससे कई बार शीशा टूट चुका है। इस तरह से परेशानी हो रही है और सड़क एक साल से नहीं बनाई जा रही है। - आकाश सेठी, बागपत
मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे का निर्माण शुरू हुए दो साल हो चुके है। सड़क पहले ही दो महीने टूट गई थी तो अब भी उसमें गड्ढे है और उसे कई जगह से उखड़ा हुआ ही छोड़ दिया गया है। इससे वाहन आपस में टकरा रहे है और उससे हादसे हो रहे है। इस पर हाईवे पर सफर काफी खतरनाक है। - अजय, बालैनी
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नेशनल हाईवे जिन जगहों से खराब हुआ था, उन जगहों पर निर्माण दोबारा कराया जा रहा है। इसके बाद भी गड्ढे है और निर्माण जगह-जगह से छोड़ा गया है तो इसको दिखवाया जाएगा। कंपनी को निर्देश देकर सड़क को ठीक कराया जाएगा और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - राजकमल यादव, डीएम
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