बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के पहले दो चरण के निर्माण का शिलान्यास भले ही हो गया हो, लेकिन तीसरे चरण के निर्माण बगैर दिल्ली से दूरी घटने वाली नहीं है। बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से दिल्ली तक तीसरे चरण की अभी डीपीआर भी तैयार नहीं हुई है। लोनी में बगैर फ्लाईओवर बने जाम से छुटकारा नहीं मिलेगा। पहले दो चरण के निर्माण से आवागमन आसान हो सकता है, लेकिन दिल्ली जाना अभी आसान नहीं रहेगा, क्योंकि बागपत से दिल्ली जाने के लिए तीन वैकल्पिक रास्ते हैं। पहला सीधे दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से वाया लोनी, जाम के कारण यहां करीब डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। ट्रोनिका सिटी से दिल्ली जाने के लिए वजीराबाद में जाम से जूझना पड़ता है, यहां करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है। पुश्ता से जाने वाले वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से वाया कुंडली होते हुए दिल्ली जाना आसान हुआ है, लेकिन यहां भी सफर एक से सवा घंटे के बीच का है। तीसरे चरण का निर्माण और लोनी में फ्लाईओवर के निर्माण बिना दिल्ली से दूरी घटने वाली नहीं है।
गडक़री ने कहा कि दिसंबर में शुरू करेंगे तीसरा चरण
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे का पहला चरण ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेस-वे से शामली बाईपास, दूसरा चरण शामली बाईपास से सहारनपुर और तीसरा चरण बागपत में पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से दिल्ली तक है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ौत में कहा कि तीसरे चरण के करीब 30 किमी के टुकड़े के लिए विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह उनसे मिले और निर्माण की मांग रखी। एनएचएआई इसकी डीपीआर तैयार कर रहा है, दिसंबर में इसके निर्माण की शुरूआत हो सकती है। लेकिन सबसे पहले पहले चरण का निर्माण होगा।