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बागपत में बैंकों के 337 करोड़ डूब गए

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बागपत। देश में बैंकों के रुपये नहीं लौटाने के रोजाना नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। पहले नीरव मोदी और इसके बाद विक्रम कोठारी के प्रकरण का खुलासा हुआ। बागपत के बैंकों में भी ऐसे 20278 खाता धारक हैं, जिन्होंने बैंकों की 337 करोड़ रुपये की रकम नहीं लौटाई। बैंकों ने इस रकम को अब एनपीए (गैर निष्पादित संपत्ति) खातों में डाल दिया है।
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बैंकिंग घोटाले से पीएनबी को करीब 11400 करोड़ रुपये की चपत लगी है। नीरव मोदी के करीब 38 ठिकानों पर ईडी छापेमारी कर रही है, लेकिन आरोपी का कुछ पता नहीं चला। इसके अलावा कानपुर के विक्रम कोठारी पर सात बैंकों का 3695 करोड़ रुपये बकाया है। सीबीआई शिकंजा कसने की तैयारी में है। ये तो वह नाम हैं, जो बड़े हैं, लेकिन बागपत की बात करें तो यहां लोन लेकर बैंकों के रुपये नहीं लौटाने वालों की संख्या बड़ी है। छोटी-छोटी रकम जुड़कर करोड़ों रुपये तक पहुंच गई। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक पीवी राजू ने बताया कि लोन के लिए जिले की विभिन्न बैंक शाखाओं में 1,35,191 लाख खाते खुलवाए गए थे। वर्तमान में 20278 बैंक खाते ऐसे हैं, जिन्होंने लोन की रकम नहीं चुकाई। इन खातों को एनपीए यानि नॉन परफार्मिंग एसेस्ट (गैर निष्पादित संपत्ति) में शामिल कर लिया गया है। एलडीएम का कहना है कि इन खातों की सूची तैयार कराई जा रही है।

किनके हैं यह 20 हजार खाते
बागपत। एलडीएम पीवी राजू का कहना है कि इन लोन लेने वालों में उद्यमी, व्यापारी और किसान भी शामिल हैं। छोटे-छोटे खातों की रकम जुड़कर संख्या 337 करोड़ तक पहुंच गई है। समय-समय पर इन खातों की रकम जमा कराने का प्रयास बैंकों की ओर से किया जाता है।
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बागपत में हैं 88 बैंक शाखाएं
बागपत। जिले में विभिन्न बैंकों की 88 शाखाएं हैं। सबसे अधिक शाखाएं सहकारी बैंक की 18 हैं। पंजाब नेशनल बैंक की जिले में 12 और एसबीआई की 13 शाखाएं हैं।

2247 करोड़ का दिया है लोन
बागपत। एलडीएम पीवी राजू का कहना है कि जनपद में संचालित बैंक शाखाओं ने जिले में करीब 2247 करोड़, 87 लाख, 63 हजार का लोन वितरित किया है। इस धनराशि में से ही 337 करोड़ लोगों पर बकाया चले आ रहे हैं।
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