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कृषि विभाग के अफसरों की टूटी नींद

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बागपत। अमर उजाला मेें प्रमुखता से प्रकाशित खबर नहीं संभले तो बंजर हो जाएगी जमीन से कृषि विभाग के अफसरों की नींद टूट गई। विभागीय अफसरों ने किसानों को रासायनिक खादों का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करना शुरू किया। साथ ही जनपद की भूमि में नई जान डालने के लिए विभागीय अफसरों नेे शासन को 500 एमपी जिप्सम की मांग भेजी।
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उल्लेखनीय है जिले में कुल कृषि रकबा करीबन एक लाख पांच हेक्टेयर है। अधिक उपज के लालच में किसान बेहतर उत्पादन के लिए रासायनिक खादों का प्रयोग कर रहे हैं। इसका विपरीत असर भूमि पर उर्वरा शक्ति पर पड़ रहा है। रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग से भूमि में फास्फोरस, पोटाश, जिंक, सल्फेट तत्वों की भारी कमी आ गई है। इसके अलावा नाइट्रोजन का स्तर भी गिरता जा रहा है। हालांकि समय-समय पर कृषि विभाग के द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन वह बीच में सुस्त पड़ गया ।
अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो कृषि विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। विभागीय अफसरों ने दोबारा से किसानों को रासायनिक खादों का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। साथ ही जनपद की भूमि में नई जान डालने के लिए शासन को 500 एमपी जिप्सम की मांग भेजी है। इस संबंध में कृषि उपनिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा यह बात सहीं है कि अधिक उपज के चक्कर में आकर किसान रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जनपद की भूमि में नई जान डालने के लिए 500 एमपी जिप्सम की मांग शासन को भेजी है। जल्द ही जिप्सम आने की संभावना है।
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