फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: खेतों में खड़ा 58 लाख क्विंटल गन्ना, देर तक चलेगा पेराई सत्र, गेहूं की फसल कटाई होगी प्रभावित

Sat, 08 Apr 2023 02:03 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
विज्ञापन
बागपत चीनी मिल
विज्ञापन
बागपत जनपद की चीनी मिलों का पेराई सत्र देर तक चलेगा। क्योंकि अप्रैल का महीना शुरू हो गया और अभी तक खेतों में 58 लाख क्विंटल गन्ना खड़ा है। गर्मी में गन्ने की छिलाई करने में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उधर, गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है, जिससे फसल की कटाई प्रभावित होगी।
विज्ञापन


जिले की तीन मिलों ने अब तक 216 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी है। अभी भी खेतों में किसानों के पास 58 लाख क्विंटल गन्ना खड़ा हुआ है। किसानों को गर्मी में गन्ना छिलाई की चिंता सता रही है। उधर, गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। ऐसे में गन्ना छिलाई करने में गेहूं की कटाई प्रभावित हो सकती है।

गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और गेहूं की फसल की तैयार हो चुकी है। ऐसे में गन्ने की छिलाई और गेंहू की कटाई को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। - सतेंद्र, सरूरपुर कलां
विज्ञापन


गर्मी लगातार बढ़ रही है। गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है और खेतों में गन्ना खड़ा है। गन्ने की छिलाई करने में गेहूं की कटाई प्रभावित होगी। - रामकुमार, शिकोहपुर

यह भी पढ़ें: Baghpat: खता किसी की-सजा किसी को..., पुलिस ने बेगुनाह रोजेदार को रातभर हवालात में रखा, तड़पता रहा भूखा-प्यासा
विज्ञापन

गन्ना बकाया भुगतान की स्थिति
जिले की बागपत और रमाला शुगर मिल नए सत्र का 212 करोड़ से अधिक के बकाए का भुगतान कर चुकी है। इसमें बागपत शुगर मिल 82 करोड़ 35 लाख और रमाला मिल 130 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। मलकपुर मिल पर अभी पुराने सत्र का ही 77 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है और नए सत्र का 365 करोड़ 78 लाख रुपये नए सत्र का बकाया है। मिलों पर दोनों सत्र का 442 करोड़ रुपये का बकाया है।

कुल पेराई और अवशेष गन्ना
मिल पेराई अवशेष
बागपत 35.75 11
रमाला 64.54 27
मलकपुर 115.90 20
कुल 216.19 58
(गन्ना लाख क्विंटल में है, आंकड़े पांच अप्रैल तक के हैं।)

 इस बार चीनी मिलें देरी से बंद होंगी। खेतों में अभी काफी गन्ना शेष है। बागपत की मिलें मई तक चलेंगी और इसके बाद भी गन्ना बचता है तो और समय बढ़ाया जाएगा। -डॉ. अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें