बागपत। दिल्ली - देहरादून वाया सहारनपुर हाईवे (709 बी) का शिलान्यास 11 सितंबर को होगा। पहले चरण में करीब 61.4 किमी के टुकड़े का निर्माण होगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि होंगें। इस मौके पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री और बागपत के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह भी मौजूद रहेंगे। चार जिलों को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण लंबे समय से लटका है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के प्रथम चरण के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर हो चुके हैं। 11 सितंबर को बड़ौत में शिलान्यास कार्यक्रम होगा। हाईवे का निर्माण होने से वेस्ट यूपी के अलावा हरियाणा को भी लाभ होगा। पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से शामली बार्डर तक फोरलेन टुकड़े का निर्माण कराया जाएगा। दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि हाईवे के निर्माण से पश्चिम यूपी के लोगों के लोगों को लाभ होगा। आवागमन सरल होगा और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से कई जिलों का आसान जुड़ाव हो जाएगा। भाजपा ने जनता से जो वायदा किया था, उसे पूरा करने का समय आ गया है। सपा सरकार की अड़चनों के कारण निर्माण शुरू होने में समय लगा है।
ईस्टर्न पेरिफेरल से जुड़ जाएंगे शामली और मुजफ्फरनगर
बागपत। निर्माण से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से आसपास के जिलों को जुड़ाव आसान हो जाएगा। शामली और मुजफ्फरनगर के लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा। दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक निर्माण होगा। भारत माला परियोजना के अंतर्गत एलम में 2.8 किमी के बाईपास का निर्माण कराया जाएगा।
हाईवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। फोरलेन प्रस्तावित हाईवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के डायरेक्टर्स सहित अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बागपत जिले में करीब सात हजार पमेड़ काटे गए। सिसाना और सरूरपुर कलां जैसे गांवों में लोगों के मकानों पर बुलडोजर चला। जिले की सीमा में किसी पुलिया तक निर्माण अधूरा है। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया । नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया । बागपत में हाईवे का करीब 51 किमी का टुकड़ा है, इसका निर्माण प्रथम चरण में कराने की कवायद चल रही है।
अब राजमार्ग प्राधिकरण कराएगा निर्माण
बागपत। दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर वाहनों की संख्या का दबाव है। यूपी के अलावा इस पर हरियाणा के वाहनों की संख्या अधिक है। चौड़ीकरण नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। कई जगह ऐसी हैं, जहां पुलिया और गड्ढों की मरम्मत का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिस कारण परेशानी अधिक हो रही है। अब राजमार्ग प्राधिकरण ही इसका निर्माण करेगा।
10 साल से सियासत का केेंद्र बन चुका हाईवे
बागपत। दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे का निर्माण भले ही न हुआ हो, लेकिन यह बागपत में सियासत का केंद्र भी बन चुका है। विधानसभा चुनाव 2012 के बाद लोकसभा चुनाव 2017 और फिर विधानसभा चुनाव 2017 में यह चुनावी मुद्दा रहा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बार प्रदेश सरकार से एनओसी ली और हाईवे निर्माण की प्रक्रिया तेज कराई।