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पश्चिमी उप्र को बनाया जाए अलग राज्य

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दोघट (बागपत)।
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भागमल इंटर कॉलेज, हिम्मतपुर सूजती में उप्र निर्माण संगठन अराजनैतिक के तत्वावधान में बैठक हुई। इसमें पश्चिमी उप्र को अलग राज्य बनाने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा पश्चिमी उप्र विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। यहां पर हाई कोर्ट की बैंच नहीं है। उप्र की 15 यूनिवर्सिटी में से केवल दो यूनिवर्सिटी है और 19 मेडिकल कॉलेजों में से तीन कॉलेज है। उप्र की आबादी 24 करोड़ है। देश का सबसे बड़ा राज्य है, इसलिए पश्चिम प्रदेश को अलग प्रदेश बनाया जाए। ताकि यहां का विकास हो सके। हाईकोर्ट बैंच की स्थापना कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को 173 रुपये मिलते हैं, जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा में 276 रुपये दिए जाते हैं। मनरेगा मजदूरी बढ़ाई जाए। इसमें अजय कुमार, संजीव चिकारा, रघुवीर सिंह, प्रदीप राठी, मांगेराम, लोकेंद्र सिंह, सानु राठी, ब्रजपाल सिंह, राकेश शर्मा, दरियाव सिंह, किरत पाल, बिजेंद्र प्रधान आदि रहे।
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