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गंगा स्नान से कष्टों से मिलती है मुक्ति

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बागपत। दशहरा के दिन गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थी। इसी दिन को गंगा दशहरा कहा जाता है। इस दिन गंगा में स्थान करने से दस प्रकार के रोगों को नाश होता है। दान देने का भी महत्व बढ़ जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि हस्त नक्षत्र में मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्थान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। मान्यता के अनुसार इस दिन राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए माता गंगा और भगवान शंकर की तपस्या की। इसके बाद ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से पृथ्वी के लिए छोड़ दिया। गति अधिक होने से भगवान शिव ने अपने जटाओं में समाहित किया। वेग कम करके पृथ्वी पर छोड़ा। उन्होंने कहा कि 24 मई को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। पूजा भी दस प्रकार की सामग्री से करनी चाहिए।
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