बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली स्थित एक क्लब में बड़ौत निवासी साहित्यकार और पूर्व मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ ओमवीर की 5वीं और 6वीं पुस्तक कुछ ऐसे सवाल थे और यादें मेरा अनमोल खजाना का विमोचन किया गया।
पुस्तक का विमोचन कर डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने कहा कि ओमवीर सिंह तोमर ने युवा राजनीति से लेकर आज तक जैसे-तैसे संघर्ष किया है। वैसे-वैसे उन्होंने कलम के माध्यम से उसे किताबों मेें सहजकर समाज को सौंपा है। इससे पूर्व ओमवीर तोमर की आपात काल जेल से लेकर आज तक चार किताबें प्रकाशित हो चुकी है। इन्हें उप्र हिंदी संस्थान ने सम्मानित किया है। तोमर ने इस अवसर पर कहा कि सच्चाई से जुड़ी जीवन की यादों और अपने जीवन संघर्ष को उन्होंने कविताओं और आत्मकथा मेें ढालने का प्रयास किया है। संचालन इतिहासकार अमित राय जैन ने किया। इस दौरान पूर्व एडीएम आरएस चाहर, पूर्व आईपीएस वीर बहादुर सिंह, पूर्व एमएलसी हरेंद्र अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारी शिपेंद्र तोमर, वरिष्ठ नेता मुखिया गुर्जर, सीताराम तोमर, मीर सिंह चौधरी आदि उपस्थित रहे।