युवा प्रांजुल वर्मा का कहना है कि स्किल सेंटर, डिजिटल साइन बोर्ड और शिक्षा के लिए लिए बेहतर व्यवस्था की गई है। युवाओं को इस बजट से लाभ होगा।
युवा अमन मिगलानी का कहना है कि ब्रॉडबैंड की सुविधा का विस्तार किया जा रहा है। 70 लाख नौकरी का लक्ष्य रखा है, यह बेहतर प्रयास है। इससे लाभ होगा।
जूता व्यापारी दीपक सिंधी का कहना है कि उनके व्यापारी को बजट से कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है। बजट से उम्मीद थी कि टैक्स का स्लैब घटेगा, ऐसा नहीं हुआ।
प्रॉपटी डीलर सुभाष चौहान का कहना है कि रियल स्टेट के कारोबार में उछाल की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। प्रॉपटी डीलर खाली बैठे हैं, बजट में राहत नहीं मिली।
ब्यूटी पार्लर संचालक सुमन चौहान कहती है कि ब्यूटी प्रोडक्ट पर छूट होनी चाहिए थी। छूट नहीं मिलने से ब्यूटी प्रोडक्ट के दाम अधिक होंगे, तो महिलाओं को अधिक बजट खर्च करना होगा।
कपड़ा व्यापारी बॉबी चौहान कहते हैं कि निराशा का सामना करना पड़ा। उम्मीद थी कि टैक्स घटेगा और कपड़े का व्यापार आसान हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
किराना व्यापारी राजीव गुप्ता का कहना है कि बजट से मध्यम वर्ग को सीधी राहत नहीं मिली है। ऐसा प्रावधान होना चाहिए था, जिसे छोटे और मध्यम दुकानदारों को अधिक लाभ मिले।
ट्रांसपोर्टर अन्नु जैन का कहना है कि डीजल के दाम कम होने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसका सीधा असर उनके काम पर पड़ेगा, यह निराशाजनक है।
अधिवक्ता देवेंद्र सिंह आर्य एडवोकेट का कहना है कि बजट में मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा लोगों का ध्यान नहीं रखा गया है। किसानों के लिए कुछ घोषणाएं जरूर हुई हैं।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर एडवोकेट कहते हैं कि निराशाजनक बजट है। किसानों के लिए कोई बड़ी ठोस घोषणा नहीं की गई है। चुनावी बजट है।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर कहते हैं कि प्रत्येक वर्ग के हित का बजट है। किसानों के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, फसलों के दाम तय होंगे। यह बढ़िया बजट है।
बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा कहते हैं कि बजट से किसान की आय दोगुनी होने का रास्ता खुलेगा। कम खर्च पर खेती होगी, जिससे किसान को लाभ होगा।