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वैदिक धर्म सबसे पौराणिक : ओमवीर

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वैदिक धर्म सबसे पौराणिक : ओमवीर
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बड़ौत। आर्य समाज बड़ौत ने रेलवे रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया । इसमें सैकड़ों आर्य जनों ने आहुतियां दीं।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य समर भानु शास्त्री एवं यज्ञमान ब्रजभान सिंह रहे। कार्यक्रम में डॉ. ओमवीर सिंह आर्य ने कहा वैदिक धर्म वेदों पर आधारित हैं और सबसे पौराणिक हैं। बाकी सभी धर्म इसके बाद प्रभावी हुए। वैदिक पद्धति में 16 संस्कारों का वर्णन है। गर्भाधान संस्कार प्रथम संस्कार है और अंत्येष्टि कर्म संस्कार अंतिम संस्कार है। इसके आगे उस शरीर के लिए कोई भी अन्य संस्कार शेष नहीं रह जाता। शव दहन के तीसरे दिन मृतक के संबंधी श्मशान जाकर चिता से अस्थि अवशेष उठाकर उसे श्मशान भूमि में कहीं दबा देते हैं। बस इसके बाद मृतक के लिए कुछ भी कर्म शेष नहीं रह जाता।
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महर्षि दयानंद सरस्वती ने इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश भी नहीं दिए हैं। अस्थि अवशेष के विसर्जन का कोई प्राविधान नहीं है। इसके बाद भी मृतक संबंधी अस्थि अवशेषों को लेकर गंगा में विसर्जन के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा मौजूदा समय में गंगा के प्रदूषण कोे रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। इसमें जसवीर सिंह मलिक, रामबली राणा, डॉ. ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह वर्मा, मित्रमुनि, अंगिरस मुनि, राज कुमार आर्य, विनोद, ओमपाल शास्त्री, रणजेत बहादुर, अरुण आर्य, अरुणा, सुखपाल, संहस्र पाल, सुनील कुमार आदि रहे।
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