पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे की मां उसे छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई है, जबकि पिता अक्सर नशे की हालत में पाया जाता है। बच्चा गौरीपुर का रहने वाला है और हर बार अकेले बस में बैठकर बड़ौत आ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति बच्चे के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक है। अरुण, मनीष जैसे लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बच्चे को किसी संरक्षित स्थान पर रखा जाए, वरना वह किसी हादसे या शोषण का शिकार हो सकता है।
सीओ विजय कुमार ने बताया कि मामले को अब बाल कल्याण विभाग के समक्ष गंभीरता से रखा जाएगा। कई बार बाल कल्याण समिति को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब एक स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है।