बागपत। छपरौली ब्लॉक की राजनीतिक अचानक गर्मा गई है। रालोद समर्थित छपरौली ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर को कुर्सी से हटाने के लिए पूरी तैयारी हो गई है। अंशु खोखर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर 49 बीडीसी मंगलवार को डीएम के पास पहुंचे और अविश्वास प्रस्ताव कराने के लिए शपथ पत्र सौंपे।
छपरौली ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी को लेकर चुनाव में भी पिछले साल खूब खींचतान हुई थी। भाजपा से रठौड़ा गांव की कमलेश देवी मैदान में उतरीं थीं, वहीं रालोद समर्थित हलालपुर की अंशु खोखर ने चुनाव लड़ा था। उस वक्त अंशु को पांच वोट निरस्त होने के बाद भी 44 वोट मिले थे और कमलेश केवल 21 वोट ले सकीं थीं। लेकिन अब अंशु खोखर को कुर्सी से हटाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्य एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को बीडीसी अंजू चौहान पत्नी राहुल चौधरी के नेतृत्व में 49 क्षेत्र पंचायत सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां सभी ने डीएम से मिलकर अंशु खोखर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथपत्र सौंपे। बीडीसी विपिन व अंजू चौहान ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख किसी का भी फोन नहीं उठाती हैं और विकास कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं। लोग परेशान हो चुके हैं, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाना जरूरी हो गया है।
डीएम राजकमल यादव ने जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक कराने की बात कही है। इस दौरान नीटू कुमार लूंब, शालीन लूंब, ओमबीर किरठल, राजेंद्र रमाला, विपिन, परविंद्र कुड़ीर्, भगत किरठल, अहसान असारा, सुखबीरी तुगाना, उमरजान किरठल, सुलेमान असारा, दानिशता असारा, जोगेंद्र रमाला, अब्दुल्ला टांडा, अजीमा टांडा, तहजीब टांडा आदि बीडीसी मौजूद रहे।
छपरौली में 71 बीडीसी, 36 से ज्यादा एकतरफा आते ही छिनेगी कुर्सी
छपरौली ब्लॉक के गांवों में कुल 71 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अब अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा सदस्य होने जरूरी हैं। इस तरह 36 से ज्यादा बीडीसी होते ही अविश्वास प्रस्ताव आ जाएगा। अंजू चौहान ने बताया कि उनके साथ 49 सदस्य हैं और अन्य भी साथ रहने की बात कह चुके हैं। ऐसे में अब वर्तमान ब्लाक प्रमुख की कुर्सी को लेकर खतरा मंडराता नजर आ रहा है।
आरोप गलत, अधिकांश सदस्य मेरे साथ
ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर का कहना है कि जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत हैं। वह लगातार विकास कार्य करा रहीं हैं। उनका दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव नहीं आएगा और अधिकांश बीडीसी उनके साथ हैं।