बड़ौत (बागपत)। शनिवार को पंचवटी मंदिर मेें श्री रामचरित मानस के तत्वावधान मेें श्रीमद भागवत कथा में कथा व्यास स्तुति ने कहा कि ईश्वर के स्मरण से ही मनुष्य का कल्याण संभव है, लेकिन आज मनुष्य ईश्वर को भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसार मेें मानव की जाति एक ही है। परमात्मा एक ही है, धर्म भी एक है, लेकिन चालाकी, स्वार्थ व अहंकार से प्रेरित होकर अपनी-अपनी दुकानें चलाने के लिए जन साधारण को भ्रमित कर अलग-अलग बातचीत कर अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सूर्य अपनी उष्मा देने में भेद नहीं करता, धरती सभी को अपनी गोद मेें स्थान देती है, वायु सभी को निरंतर मिलती है, लेकिन क्या कारण है कि हम मनुष्य अपनी इंसानियत का पतन कर रहे हैं। हमारी संस्कृति समस्त प्राणियों को जीने का अधिकार देती है और वासुदेव कुटुंबकम की शिक्षा देती है, लेकिन दूसरों के प्रति दया भावना हमारी संस्कृति है। कथा में प्रमोद मीतल, बबीता, राजकुमार मित्तल, नवीन मित्तल, मनीषा, मीनाक्षी, वंदना, बालेश, विकास, बॉबी, योगेश, सीमा, पिंकी, सतीश का सहयोग रहा।