बागपत। खतरे के निशान पर बह रही यमुना का जलस्तर घटने लगा है। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी का स्तर कम हुआ। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार और एसपी जयप्रकाश ने यमुना के तटों का निरीक्षण किया। डीएम ने कहा कि खतरे जैसी जिले में कोई बात नहीं है, स्थिति कंट्रोल में है।
हथिनी कुंड बैराज से मंगलवार को 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहली अभी तक करीब छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर उफान पर आ गया था। पानी की जिले में धारा खतरे के निशान तक पहुंच गई । जिले के करीब 29 गांवों में अलर्ट जारी किया। जागोस और कोताना गांव में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मंगलवार को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार, एसपी जयप्रकाश और एसडीएम विवेक कुमार यादव ने यमुना के पक्का घाट और निवाड़ा पुल पर निरीक्षण किया। पानी के बहाव और जलस्तर को देखा। डीएम ने बताया कि जिले में स्थिति सामान्य है। पानी खतरे के निशान से नीचे बहना शुरू हो गया है।
29 गांव बसे हैं यमुना किनारे
बागपत। यमुना के किनारे पर जिले के 29 गांव बसे हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ जाने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई थी। जागौस, टांडा, कोताना, सुभानपुर में फसलें डूब गई।
हिंडन का जल स्तर बढ़ा
बागपत। हिंडन का जलस्तर बढ़ जाने से आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया। निकटवती क्षेत्रों में किसानों की फसलों में पानी भर गया। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है। विभिन्न गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई। इन पर अलर्ट जारी कर दिया।
किनारों पर की जा रही निगरानी
बागपत। यमुना और हिंडन नदी के किनारों पर प्रशासन निगरानी कराने में जुटा है। राजस्व विभाग की टीम तैनात की। कोतवाली पुलिस ने भी मंगलवार को पक्का घाट का दौरा किया और युवकों को नहाने से मना किया। इसके अलावा तैराक भी तैनात किए ।