बागपत। परियोजना निदेशक एमएल पटेल ने तीन गांवों के पांच प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्हें शौचालय गंदा मिला। शौक्षित स्तर निम्न मिला। मिड-डे-मील की गुणवत्ता भी सही नहीं मिली। दाल गाढ़ी करने के लिए आलू डाला जा रहा था। स्कूल में गोबर और उपले रखे मिले। शौचालय में गंदगी थी। किताबें, ड्रेस, जूते और बैग का वितरण नहीं मिला।
पीडी एमएल पटेल ने बताया कि काठा गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो का निरीक्षण किया। यहां उन्हें 250 पंजीकृत बच्चों में से 135 मौजूद मिले। छात्रों को ड्रेस, जूते, मोजे, किताबाें का वितरण नहीं किया गया। शौचालय में गंदगी मिली। काठा के ही प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में भी यही हाल मिला। शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिली। शौचालय गंदा था और प्रागंण में गोबर और उपलों के ढेर लगे मिले।
प्राथमिक विद्यालय बहलोलपुर में ड्रेस, बैग, जूते, मोजे, किताबों का वितरण नहीं मिला। मिड-डे-मील की गुणवत्ता सहीं नहीं मिली। खाने में गड़बड़ी मिली। दाल को गाढ़ा करने के लिए उसमें आलू को मसलकर डाला जा रहा था। शिक्षण की गुणवत्ता भी खराब पाई गई। बंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में 31 में से 15 बच्चे उपस्थित मिले। बैग को छोड़कर अन्य सामान का वितरण नहीं हुआ। भोजन अत्यंत खराब मिला। शिक्षा गुणवत्ता पूरी तरह खराब मिली। कोई शिक्षण कार्य का कोई वातावरण नहीं मिला। हैडमास्टर बैग वितरण की पंजिका नहीं दिखा सके। प्राथमिक पाठशाला नंबर दो में बच्चों को कोई सामान वितरित नहीं हुआ। शिक्षण की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। पीडी एमएल पटेल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय की शैक्षिक स्तर काफी निम्न है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। कमियां भी बहुत मिली हैं। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है।