राष्ट्र वंदना चौक पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति का पुतला दहन करने जा रहे विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका और पुतला छीन लिया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से नोक झोंक हुई। पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इस कारण करीब आधा घंटे तक दिल्ली हाइवे जाम रहा।
शनिवार को विहिप के जिला मंत्री पप्पन राणा और बजरंग दल के जिला संयोजक अमित तितरौदा के नेतृत्व में कार्यकर्ता एएमयू में जिन्ना के चित्र लगाने के विरोध में कुलपति का पुतला दहन करने के लिए राष्ट्र वंदना चौक पर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने एएमयू कुलपति के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान सीओ दिलीप सिंह और कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को रोक कर पुतला छीन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों में पुतले को लेकर खींचतान भी हुई, लेकिन पुलिस ने पुतले का दहन नहीं करने दिया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। वे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर धरने पर बैठ गए। पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हुई।
कार्यकर्ताओं ने कहा वे शांति पूर्वक एएमयू के कुलपति का पुतला दहन कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोक कर अच्छा नहीं किया। सीओ ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस चार कार्यकर्ताओं को पकड़ कर कोतवाली ले गई और धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग कर खदेड़ दिया। सीओ दिलीप सिंह ने बताया कि हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एएमयू के कुलपति का पुतला दहन करने आए थे लेकिन उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। इसमें ब्रजमोहन भारद्वाज, विक्की चौधरी, प्रदीप, सुनील चौहान, सुनील मुखिया, अमित चौहान, विशाल चौहान, प्रदीप चौहान, जयवीर आदि रहे।