बड़ौत (बागपत)। श्रद्धालुओं ने रविवार को देवी भगवती के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की मंदिरों की उपवास रखकर पूजा की। रविवार को सुबह से ही पंचवटी मंदिर, वैष्णो मंदिर रेलवे स्टेशन, ठाकुरद्वारा मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, पट्टी चौधरान शिवालय, पंजाबी क्वार्टर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही और महिलाओं ने भजन कीर्तन के कार्यक्रम किए। पंचवटी मंदिर में पुजारी कुंदन शर्मा ने कहा देवी के कूष्मांडा स्वरूप ने ही सृष्टि का विस्तार किया। मां का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का है। शांकुभरी रूप धर देवी ने शाक से धरती को पल्लवित किया और शताक्षी बन असुरों का संहार किया। प्रकृति पर्यावरण की अधिष्ठात्री कूष्मांडा देवी की आराधना के बिना जप और ध्यान संपूर्ण नहीं होते।