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लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

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बागपत। सावन के पहले सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया गया। पुरा गांव के परशु रामेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी यहां जलाभिषेक किया। सुख शांति और समृद्धि की कामनाएं की।
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सोमवार सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। शहर के पक्का घाट, शलिगराम मंदिर, जानकीदास, बागेश्वर महादेव, शिव मंदिर, पीपलेश्वर महादेव में सुबह सवेरे श्रद्धालु महादेव की पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे। वहीं दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर स्थित गुफा वाले बाबा मंदिर पर भी श्रद्धालु पूजा की। खट्टा गांव के महेश मंदिर में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं पहुंचे।
पुरा गांव स्थित परशु रामेश्वर महादेव मंदिर में सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुजारी जयभगवान शर्मा ने बताया मंदिर समिति की और से श्रद्धालुओं की विशेष व्यवस्था की। पुलिस की भी चाक चौबंद व्यवस्था रही। प्रदेश के परिवहन एवं ऊर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी यहां पहुंचकर पूजा की। अमीनगर सराय के चेयरमैन मांगेराम यादव, डीआईजी मेरठ के अलावा अन्य लोगों ने यहां पहुंचकर पूजा की। मंदिर में दिनभर मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और हरियाणा के श्रद्धालु भी जलाभिषेक करने पहुंचे।
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इसके अलावा रमाला, छपरौली, अग्रवाल मंडी टटीरी, दाहा, बालैनी, अमीनगर सराय, चांदीनगर के मंदिरों में श्रद्धालु पूजा करने पहुंचे। शिवालयों में देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना जाना लगा था। अकेले पुरा मंदिर में ही करीब पचास हजार श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। पुरा महादेव में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। संदिग्ध लोगों को चेकिंग के बाद गर्भगृह में जाने दिया। सीसीटीवी कैमरे से भी श्रद्धालुओं ने नजर रखी हुई थी।
खेकड़ा में श्रावण माह के प्रथम सोमवार को मंदिरों में भक्तों की दिन भर भारी भीड़ रही। नगर क्षेत्र में श्रावण माह के प्रथम सोमवार को मंदिरों में पूजा के लिए सुबह 4 बजे से ही भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। भक्तों ने शिवलिंग पर जल चढ़ा कर पूजा कर धर्म लाभ उठाया। साथ ही मंदिरों में भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। बाबा काले सिंह मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर मठ, शिव मंदिर अहिरान, बालाजी मंदिर, सदाशिव शक्ति मंदिर आदि मंदिरों में भगवान शिव के रुद्राभिषेक के साथ भंडारों का आयोजन किया। शिवरात्रि को लेकर प्रबंध समितियों ने मंदिरों को सजाया।
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