बागपत में सर्वशिक्षा अभियान के बावजूद अभी भी सबको शिक्षित करने का सरकार का दावा केवल फाइलों में कैद है। जिले के 379 बच्चेे कभी स्कूल ही नहीं गए हैं और 334 बच्चों ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है। हाउस होल्ड सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। कभी स्कूल न जाने और बीच में पढ़ाई छोड़ने में बागपत ब्लॉक सबसे ऊपर है। सबसे कम बच्चे छपरौली ब्लॉक में है।
सर्वे में स्कूल नहीं जाने वाले और बीच में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या बागपत ब्लॉक में सबसे अधिक है। बागपत ब्लॉक के बाद नगर क्षेत्र बड़ौत, खेकड़ा ब्लॉक, बड़ौत ब्लॉक, पिलाना ब्लॉक, बिनौली तथा सबसे कम बच्चे छपरौली ब्लॉक में हैं।
सर्वे के मुताबिक 400 बच्चे छह से दस वर्ष आयु वर्ग तथा 313 बच्चे 11 वर्ष से 14 वर्ष आयु वर्ग के हैं। कभी स्कूल न जाने वाले बच्चों में 212 बालक व 177 बालिका तथा बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों में 153 बालक व 171 बालिकाएं शामिल हैं।
स्कूल न जाने वाले में जहां बालक-बालिकाओं से अधिक है, वहीं स्कूल छोड़ने वालों में बालकों के सापेक्ष बालिकाओं की संख्या अधिक है। बीएसए डॉक्टर एमपी सिंह ने कहा कि कुछ बच्चे अपने माता-पिता के साथ भट्ठों पर रहते हैं, जिसके कारण स्कूल तक नही पहुंच पाते हैं।
इसी के चलते कुछ बच्चों की बीच में पढ़ाई छूट जाती है। इसके अलावा अन्य कारण भी हो सकते है। सर्वे के उपरांत सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन करा दिया गया है।