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तपती दुपहर में उम्मीद ललिए यमुना किनरे बैठे रहे ग्रामीण

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बागपत। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी में डूबी मां-बेटी की तलाश में 12 घंटे तक एनडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू ऑपरेशन चलाया। इसके बाद भी दोनों का कहीं पता नहीं चला। वहीं परिजन और ग्रामीण दिनभर यहां बैठे रहे, लेकिन मां बेटी का सुराग नहीं लगा। काठा गांव की राजवीरी व कोमल सोमवार की सुबह छह बजे यमुना नदी में डूब गई। पुलिस, एनडीआरएफ व गोताखोरों ने 12 घंटे तक नदी में दोनों की तलाश की, लेकिन मां-बेटी नहीं मिली। एनडीआरएफ के गोताखोरों ने नदी में अंदर कैमरा लेकर तलाश की। नाव से कई किलोमीटर तक गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं परिजन भी नदी के किनारे काफी दूर तक उनकी तलाश करते रहे। देर शाम छह बजे तक भी दोनों का कुछ पता नहीं चला। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी में मां-बेटी के डूबने के बाद सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई नदी की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था कि शायद दोनों जिंदा बच जाए। नदी के किनारे परिवार की महिलाएं पूरे दिन बैठी रही।
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अमर उजाला ने चेताया, नहीं जागा सिस्टम
बागपत। अमर उजाला ने 20 मार्च 2019 के संस्करण में ये है इंडिया कॉलम में काठा गांव के ग्रामीणों की समस्या को रखा । हादसे की संभावना को लेकर चेताया था, लेकिन सिस्टम नहीं जागा। मजबूर ग्रामीण और किसान यमुना से गुजरते रहे और फिर से हादसा हो गया।

12 घंटे में चढ़ गया दो फुट पानी
बागपत। किसानों ने बताया कि यमुना नदी में रविवार की शाम से सोमवार की सुबह तक दो फुट पानी चढ़ गया । जिस जगह भैंसा और बुग्गी पलटी वहां पर 20 फुट के लगभग गहराई। बहाव तेज होने के कारण बुग्गी पलट गई।
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हिंडन व कृष्णा नदियां भी ले रही जान
बागपत। यमुना नदी में टांडा, बदरखा, शबगा, जागोस, कोताना, फैजपुर निनाना, गौरीपुर, निवाड़ा, सिसाना, बागपत, पाली, काठा, मवी कलां, खेकड़ा में हर रोज सैैकड़ों किसान जान हथेली पर रखकर सुबह-शाम यमुना नदी पार करते हैं। कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं। इसके अलावा हिंडन व कृष्णा नदी में भी किसानों की डूबकर मौत हो चुकी है। हिंडन नदी के किनारे तवेला गढ़ी, झूंडपुर, मिलाना, खपराना, शाहपुर बाणगंगा, बरनावा, चिरचिटा एवं कृष्णा नदी के किनारे रहतना, बामनौली, थल, नांगल आदि गांव बसे हैं। इन गांवों के किसान भी जान जोखिम में डालकर नदियां पार कर खेतों में जाते है। झूंडपुर के किसान कई सालों से हिंडन नदी पर पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं।

वर्जन :
डीएम पवन कुमार का कहना है कि रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों की समस्या के समाधान का भी प्रयास होगा। शासन को अवगत कराया गया है।
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