बागपत। आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों को आरक्षण दिए जाने के कैबिनेट के फैसले पर लोगों ने खुशी जताई है। युवाओं का कहना है कि इससे सवर्ण समाज को फायदा मिलेगा। सरकार ने पुरानी मांग को पूरा कर दिया है। योग्यता होने के बावजूद पिछड़ जाने का भय अब आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों के बीच नहीं रहेगा।
कैबिनेट ने सोमवार को फैसला किया। आरक्षण को लागू करने के लिए मंगलवार को संसद में संशोधन विधेयक सरकार पेश करेगी। अधिवक्ता पुनीत शर्मा का कहना है कि सवर्ण समाज की प्रत्येक बिरादरी के आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को लाभ होगा। दूरगामी नतीजे सामने आएंगे।
अधिवक्ता गगन गौड़ का कहना है कि सरकार का फैसला सराहनीय है। निर्णय से एससी/एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण की पुरानी व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। पुराने आरक्षण में दस फीसदी आरक्षण जोड़ दिया जाएगा।
भाजपा के जिला महामंत्री ठाकुर भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सवर्ण समाज के हित में सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। राजपूत, जाट, ब्राह्मण के अलावा अन्य सभी बिरादरी के आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों का इसका लाभ होगा।
व्यापारी राजीव गुप्ता का कहना है कि कदम सराहनीय है। देखने वाली बात यह होगी कि राज्यसभा में सरकार इसे पास करा पाती है या नहीं। सरकार ने शीतकालीन सत्र में सवर्णों की इस पुरानी मांग को पूरा कर दिया है।
परशुराम शर्मा संघ के अध्यक्ष अजय शंकर शर्मा एडवोकेट का कहना है कि सरकार के फैसले से सवर्ण समाज को लाभ होगा और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। युवा सरकार के इस कदम का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
किसने क्या कहा
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि सरकार सबका साथ सबका विकास के फार्मूले पर चल रही है। कदम सराहनीय है। आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
भाजपा नेता ठाकुर प्रदीप सिंह का कहना है कि सरकार के फैसले से सवर्ण समाज के लोगों को लाभ होगा। सराहनीय कदम है। शिक्षा के अलावा नौकरी में लाभ होगा।
क्या कहता है विपक्ष
सपा नेता सुरेंद्र पंवार का कहना है कि लोकसभा चुनाव में लोगों को भ्रमित करने के लिए भाजपा ने यह कदम उठाया है। जाट आरक्षण पर सरकार के रवैये से सभी वाकिफ हैं।
रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना का कहना है कि चुनाव से कुछ दिन पहले ही भाजपा को सवर्ण और उनकी गरीबी याद आई है। फैसला पूरी तरह चुनावी है।
इनसेट
इन वर्गों को होगा लाभ
बागपत। आरक्षण की नई व्यवस्था से देश में राजपूत, भूमिहार, वैश्य, जाट और गुर्जर समेत केंद्र में सवर्ण या सामान्य वर्ग में शामिल लोगों को लाभ हो सकेगा। आरक्षण से शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में लाभ मिलेगा। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन होगा।