बागपत। सीएचसी में डॉक्टरों की अनदेखी का एक मामला सामने आया है। पारिवारिक झगड़े में घायल युवक पहुंचा तो डॉक्टर खड़े रहे, जबकि घायल की पत्नी ही युवक के शरीर पर लगे खून को साफ करती रही। आरोप है कि उसे स्ट्रेचर तक नहीं दिया गया। परिजन स्वयं ही उसे वहां से एंबुलेंस तक लेकर गए। घायल युवक ने झगड़े के मामले में कोतवाली में तहरीर दी है।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर कहानी कुछ ओर ही बयां करती है। सोमवार को सीएचसी में उस समय मानवता तार-तार हो गई जब इलाज के दौरान चिकित्सक डॉ. निरंजन के सामने ही खून से लथपथ घायल युवक के शरीर से उसकी पत्नी ने ही खून साफ किया। इंदिरा कालोनी बागपत निवासी नरेंद्र सब्जी विक्रेता है। उसकी अपनी पत्नी कविता से झगड़ा हो गया था। बीच बचाव में आई भाभी ने ही नरेंद्र के सिर मेें डंडा मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्नी घायल अवस्था में पति को लेकर कोतवाली पहुंची। पुलिस ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से घायल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उसे सीएचसी में स्ट्रेचर तक नहीं दिया गया। परिजन स्वयं ही उसे एंबुलेंस तक लेकर गए। मारपीट के मामले में भाभी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभास राजपूत ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। वे इसे दिखवा रहे हैं। जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।