बड़ौत (बागपत)। संत उपेंद्र मुनि ने कहा कि गरीब होते हुए भी मनुष्य के अंदर दान की भावना होनी चाहिए। दान की भावना से बरकत होती है।
रविवार को कोताना गांव में जैन स्थानक के शिलान्यास समारोह में उन्होंने कहा कि कमजोर को क्षमा कराना चाहिए। गरीब लोगों में भी दान की भावना होनी चाहिए। श्रद्धानुसार दान देने से महत्व बढ़ता है। दानशील और तप भावना बनने से मोक्ष मार्ग का रास्ता खुलता है। व्यक्ति का पाप कर्म क्षय होता है। शक्तिशाली को कमजोर को माफ करना चाहिए। संत सुखदर्शन मुनि ने कहा कि संत समाज से जुड़े होते है। मां की बाजू में सबसे ज्यादा ताकत होती है। मां के द्वारा दिए संस्कार निर्माण करते है। गुरू की कृपा जहां बरसती है, व्यक्ति अधूरा नहीं रहता। किसी के सीने में तीन मारना आसान है, भाग्यशाली बनना आसान नहीं है। जैन साध्वियों ने भी धर्मसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में बड़ौत चेयरमैन अमित राणा ने कहा कि मैं जैन समाज का ऋणी हूं। उसने मुझे सम्मान दिया। चेयरमैन ने जैन स्थानक में हॉल का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने उपेंद्र मुनि को ससंघ बड़ौत में आमंत्रित किया। जैन संत ने उन्हें साधूवाद दिया। इस मौके पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें आशीष जैन, हेमचंद जैन, वीरेंद्र जैन, अनुज, अनिल, पंडित विनय शर्मा, बाबूराम, मुन्ना लाल, राजू जैन, मनोज जैन, वकीलचंद जैन, कालू जैन, बालेश्वर प्रधान, जेडी जैन, गोविंद कश्यप, प्रवीन जैन, संजीव चौधरी, सतेंद्र, दीपक जैन, सुरेंद्र प्रधान, अमरचंद जैन, पवन जैन आदि उपस्थित रहे।